UP illegal mining scam: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बता दिया है कि सीबीआई की बतौर गवाह पेशी के लिए आए समन का उन्होंने जवाब दे दिया है. इससे पहले समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता ने कहा था कि अवैध खनन मामले में CBI द्वारा गवाही के लिए भेजे गए समन पर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव आज दिल्ली नहीं जाएंगे. सपा नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा, ‘अखिलेश यादव कहीं नहीं जा रहे. आज वो लखनऊ में एक बैठक में शामिल होंगे.’ वहीं समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने मीडिया से बातचीत में संकेत दे दिए थे कि अखिलेश यादव आज पार्टी कार्यालय में पीडीए की बैठक में शामिल होंगे. 


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

सीबीआई ने किया था तलब


सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ‘ई-टेंडरिंग’ प्रक्रिया के कथित उल्लंघन के जरिए खनन पट्टी जारी करने से जुड़े एक मामले में गुरुवार 29 फरवरी को तलब किया था. अखिलेश यादव पर आरोप है कि जब वह मुख्यमंत्री थे तो उनके कार्यकाल में अधिकारियों ने 2012-16 के दौरान अवैध खनन की अनुमति दी थी और खनन पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण द्वारा प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से लाइसेंस रिन्यू किए गए.


अखिलेश यादव का बयान


CBI अधिकारियों ने बताया कि CRPC की धारा 160 के तहत जारी नोटिस में सीबीआई ने यादव को 29 फरवरी को उसके सामने पेश होने को कहा है. वह आरोपी नहीं हैं बल्कि गवाह हैं. लखनऊ में गुरुवार को अपनी प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके सपा सुप्रीमो ने कहा, 'CBI ने जो कागज भेजा था उसका जवाब दे चुका हूं. इंडी गठबंधन मजबूत हुआ है, इसल‍िए समन आया है. अभी चुनाव का समय है ऐसे में द‍िल्‍ली जाने में अमर्थता है. बीजेपी (BJP) इस समय सबसे ज्यादा कमजोर है. क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि जिस सरकार में दावा किया हो कि 60 लाख बच्चों की परीक्षा कराकर नौकरी देंगे और यह सरकार ने जानबूझकर किस लिए कराया है. क्वेश्चन पेपर लीक हो गया. सरकार की नियत नहीं है नौकरी देने की. नौकरी देनी पड़ेगी तो आरक्षण देना पड़ेगा. आरक्षण देना पड़ेगा तो पीडीएफ मजबूत होगा.' अखिलेश यादव की ओर से कहा गया है कि वो गवाही के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हो सकते हैं. 


इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि लोकसभा चुनाव आ गए हैं. ऐसे में चुनाव प्रचार से ध्यान भटकाने के लिए ये सब हो रहा है. उन्होंने कहा कि 2014 के चुनावों में भी केंद्रीय एजेंसियों ने अचानक से जांच तेज कर दी थी.


केंद्र पर बरसीं डिंपल यादव 


इससे पहले सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा INDIA गठबंधन की मजबूती से यह सरकार डर गई है इसलिए यह किया जा रहा है.


100 करोड़ से अधिक का घोटाला


बड़ी मात्रा में हो रहे अवैध खनन के मामले में आज सीबीआइ ने कई जगहों पर पड़ताल की थी. आरोप है कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की सरपरस्ती में यह अवैध खनन का घोटाला सौ करोड़ से अधिक का था. गायत्री प्रजापति अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे. उसी दौरान खनन घोटाला सामने आया था.


हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है मामला


अवैध खनन के भ्रष्टाचार की लोकायुक्त को शिकायत की हुई थी. अकेले हमीरपुर जिले में अवैध मौरंग खनन और सिंडीकेट के नेटवर्क से करोड़ों की वसूली किये जाने के मामले में एमएलसी सहित तमाम मौरंग व्यवसायी सीबीआई के रडार पर थे. उस समय कई प्रशासनिक अफसरों से पूछताछ हुई थी.