Nafees Biryani Death: माफिया अतीक अहमद के करीबी नफीस बिरयानी की हार्ट अटैक पड़ने के चलते मौत हो गई है. रविवार की शाम को नैनी सेंट्रल जेल में तबियत बिगड़ने पर स्वरूप रानी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के आईसीसीयू में नफीस बिरयानी को भर्ती कराया गया था. देर रात इलाज के दौरान नफीस बिरयानी की मौत हो गई.


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पुलिस ने नफीस बिरयानी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पंचायतनामा के बाद पोस्टमार्टम की कार्यवाही होगी. देर शाम तक पोस्टमार्टम होने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को शव सौंप दिया जाएगा.


नफीस बिरयानी को 22 नवंबर को पुलिस मुठभेड़ में नवाबगंज के आनापुर से गिरफ्तार किया गया था. मुठभेड़ में नफीस बिरयानी के पैर में गोली लगी थी. स्वरूप रानी अस्पताल में 9 दिसंबर तक नफीस बिरयानी का इलाज चला था. इलाज के बाद स्वस्थ होने पर नफीस बिरयानी को नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था.


देर रात करीब 1 बजे हुई मौत
रविवार को जेल में नफीस बिरयानी की तबीयत बिगड़ी तो उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन बीपी लो होने के साथ ही सांस लेने में अधिक दिक्कत थी. जिसके चलते रात करीब 11 बजे नफीस बिरयानी को स्वरूप रानी अस्पताल लाया गया. जहां देर रात करीब एक बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एसपी सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है.


प्रयागराज का रहने वाला था नफीस
नफीस बिरयानी मूलतः प्रयागराज के पुराने शहर बैगन टोला इलाके का रहने वाला था. माफिया अतीक के भाई अशरफ के साथ नफीस बिरयानी ने पढ़ाई की थी. जिसके चलते नफीस और अशरफ में नजदीकी थी. नफीस बिरयानी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था.


साल 2010 में उसने करैली इलाके में बिरयानी की शॉप खोली. लेकिन कोई खास फायदा नहीं हो रहा था. इसी बीच नफीस ने अशरफ से संपर्क करके सिविल लाइंस में ईट ऑन नाम से रेस्टोरेंट खोला. जहां चिकन बिरयानी के साथ ही कबाब पराठा बनाना शुरू किया.


अशरफ का साथ मिलते ही चल निकला बिजनेस
माफिया अतीक के भाई अशरफ का साथ मिलते ही नफीस बिरयानी का ईट ऑन रेस्टोरेंट चल निकला. देखते ही देखते नफीस बिरयानी का कारोबार इतना बढ़ा कि वह प्रॉपर्टी के कारोबार में भी शामिल हो गया. धीरे धीरे वह माफिया अतीक का मुख्य फाइनेंसर बन गया. माफिया अतीक अहमद के जेल में होने के चलते वह उसके जमीन के कारोबार को भी संभालने लगा.


उमेश पाल हत्याकांड में नफीस की कार का इस्तेमाल
24 फरवरी 2023 की शाम करीब पांच बजे जब उमेश पाल और उसके दो सरकारी गनर पर जानलेवा हमला हुआ तो उसमें नफीस बिरयानी की क्रेटा कार का इस्तेमाल हुआ. नफीस बिरयानी की क्रेटा कार से ही माफिया अतीक का बेटा असद निकलकर उमेश पाल पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. हत्याकांड के बाद क्रेटा कार को पुलिस ने अतीक के घर के बाहर से बरामद किया था.


उमेश पाल हत्याकांड में जांच के बाद पुलिस ने नफीस बिरयानी को भी आरोपी बनाया था. फरार होने के चलते नफीस की गिरफ्तारी पर पुलिस की तरफ से पचास हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था. बीते 22 नवंबर को पुलिस ने मुठभेड़ में नफीस बिरयानी को नवाबगंज से गिरफ्तार किया था.