close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

झरिया विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी को लेकर कांग्रेस में मचा घमासान

 एक तरफ जहां पूर्णिमा सिंह लगातार क्षेत्र में दौरा कर रही हैं तो दूसरी तरफ शमशेर आलम और युवा नेता संतोष सिंह भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं.

झरिया विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी को लेकर कांग्रेस में मचा घमासान
झरिया विधानसभा में कांग्रेसी नेता अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. (फाइल फोटो)

झरिया: झारखंड में विधानसभा चुनाव इसी साल के अंत में है और ऐसे में झरिया विधानसभा में कांग्रेसी नेता अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. एक तरफ जहां पूर्णिमा सिंह लगातार क्षेत्र में दौरा कर रही हैं तो दूसरी तरफ शमशेर आलम और युवा नेता संतोष सिंह भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं.

झरिया विधानसभा चुनाव में दावेदारी को लेकर कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है. एक तरफ पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की पत्नी मैदान में है तो वहीं दूसरी तरफ संतोष सिंह और शमशेर आलम जैसे नेता भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से नीरज सिंह उम्मीदवार रहे थे लेकिन उनकी हत्या होने के बाद उनकी पत्नी पूर्णिमा सिंह ने कमान संभाल ली. 

 

हालांकि, पूर्णिमा ने अब तक कांग्रेस पार्टी की सदस्यता नहीं ग्रहण नहीं की है लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के चिह्न पर उम्मीदवार हो सकती हैं. पूर्णिमा सिंह का कहना है कि जनता को जागरूक करने के लिए वो लगातार क्षेत्र में दौरा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि जनता को ऐसा जनप्रतिनिधि चुनना चाहिए जो उनकी सुने हालांकि पार्टी में दावेदारी को लेकर उन्होंने कहा कि समय आने पर सब कुछ पता चल जाएगा.

वहीं दूसरी तरफ युवा नेता शमशेर आलम और संतोष सिंह भी अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. शमशेर आलम का कहना है की राहुल गांधी कहते हैं कि युवाओं को मौका मिलना चाहिए और हम लोग पिछले कई वर्षों से पार्टी में युवा से लेकर सारे संगठनों का काम संभाल चुके हैं, ऐसे में हमारी दावेदारी बनती है. 

वहीं, संतोष सिंह ने पूर्णिमा सिंह पर कांग्रेस के साथ-साथ बीजेपी के भी संपर्क में भी होने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि आलाकमान को निर्णय लेना है कि झरिया से उम्मीदवार किसे बनाया जाए, वहीं उन्होंने ये भी कहा कि पूर्णिमा सिंह अभी तक कांग्रेस की सदस्य नहीं हैं तो ऐसे में अचानक से पार्टी उन्हें टिकट कैसे दे सकती है. 

कांग्रेस के विधानसभा प्रभारी इरफान अंसारी का कहना है कि पार्टी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है, उसी जनप्रतिनिधि को टिकट मिलेगा जो पार्टी के हित में काम करेगा. विधानसभा प्रभारी ने झरिया सीट पर कांग्रेस की जीत का दावा किया. हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस गुटबाजी का साईड इफेक्ट झेल चुकी है. फिलहाल पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है और अब इस गुटबाजी से निपटने की जिम्मेदारी रामेश्वर उरांव पर है.  
Saloni Srivastava, News Desk