बिहार: पूर्व IAS मनोज श्रीवास्तव की कोरोना से मौत, राज्यपाल-CM ने जताया दुख

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बतौर योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में, उनकी समेकित ग्रामीण विकास की योजना में, मनोज श्रीवास्तव के योगदान की प्रशंसा की थी.

बिहार: पूर्व IAS मनोज श्रीवास्तव की कोरोना से मौत, राज्यपाल-CM ने जताया दुख
बिहार: पूर्व IAS मनोज श्रीवास्तव की कोरोना से मौत, राज्यपाल-CM ने जताया दुख.

पटना: रिटार्यड आईएएस (IAS) अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव की कोरोना (Corona) से मौत हो गई. उनका इलाज पटना एम्स (AIIMS) में चल रहा था. वह 1980 बैच के आईएएस अफसर थे. उन्होंने संसदीय कार्य प्रधान सचिव समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं.

मनोज श्रीवास्तव के निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और राज्यपाल फागु चौहाण ने शोक व्यक्त किया है. साथ हीं, उनके निधन पर आईएएस एसोसिएशन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, जितना वह अपने प्रशासनिक कुशलता के लिए याद किए जाते रहे, उससे कहीं अधिक जनसरोकारों के लिए उन्हें याद रखा जाएगा.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने बतौर योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में, उनकी समेकित ग्रामीण विकास की योजना में, मनोज श्रीवास्तव के योगदान की प्रशंसा की थी. बिहार में यूनिसेफ (UNICEF) के साथ बिहार शिक्षा परियोजना की कल्पना को, वास्तविक धरातल पर साकार करने का श्रेय उन्हें ही जाता है.

वर्ष 2009 में वह पहले व्यक्ति थे, जिन्हें जमशेदजी टाटा फेलोशिप मिली थी. इसके अंतर्गत लंदन स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स से प्रो पूअर गवर्नेस इन इंडिया पर अपना शोध पूरा किया था. उन्होंने राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय जर्नलों में सौ से भी अधिक पेपर लिखे थें.

उनकी पुस्तक सीइंग द स्टेट-गवर्नेस एंड गवर्नमेंटलिटि इन इंडिया प्रशासनिक क्षेत्र में आज भी. किसी टेस्ट बुक की तरह स्वीकार की जाती है. 'बड़े शौक से सुन रहा था जमाना, तुम्हीं सो गए दास्ता कहते-कहते' इस शेर के जरिए भी आईएएस एसोसिएशन उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है.

उनकी मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि, मनोज कुमार श्रीवास्तव ने राज्य सरकार के विभिन्न पदों पर रहते हुए निष्ठापूर्वक अपनी सवाएं दी थीं. वह एक कुशल प्रशासक एवं संवेदनशील पदाधिकारी थे.

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की, ईश्वर से प्रार्थना की है. इसके अलावा राज्यपाल ने भी उनके मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है. राज्यपाल फागु चौहाण ने कहा है कि, वह एक कुशल प्रशासक थे.