बिहार: कोरोना के बीच खुले सरकारी-निजी स्कूल, 50 फीसदी स्टाफ को होगी आने की अनुमति

स्कूल में 50 फीसदी स्टाफ को आने की अनुमति होगी और क्लास में पढ़ाई नहीं होगी. केवल स्टूडेंट अभिभावक के साथ आकर अपने डाउट शिक्षकों से पूछ सकेंगे.

बिहार: कोरोना के बीच खुले सरकारी-निजी स्कूल, 50 फीसदी स्टाफ को होगी आने की अनुमति
बिहार में कोरोना के बीच खुले सरकारी-निजी स्कूल. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: कोरोना काल के बीच सोमवार से बिहार में सभी सरकारी और निजी स्कूल खोल दिए गए. इस दौरान कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को स्कूल आने की अनुमति होगी. जानकारी के अनुसार, इस दौरान स्कूल में 50 फीसदी स्टाफ को आने की अनुमति होगी और क्लास में पढ़ाई नहीं होगी. केवल स्टूडेंट अभिभावक के साथ आकर अपने डाउट शिक्षकों से पूछ सकेंगे.

हालांकि, जो छात्र अकेले स्कूल आएंगे उन्हें अपने अभिभावक से लिखित परमिश्न लेनी होगी और इसको विद्यालय में दिखाना होगा. दरअसल, वैश्विक आपदा कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते लगे देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से बीते 7 महीने से सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद चल रहे थे. इस कारण छात्र काफी लंबे समय से घर में रह रहे थे.

इसके बाद सरकार ने धीरे-धीरे अनलॉक (Unlock) की प्रक्रिया शुरू की तो कुछ गतिविधियों को छूट मिलनी शुरू हुई. लेकिन स्कूलों में छात्रों के आने को लेकर लंबे समय तक कोरोना के खतरे को लेकर फैसला नहीं हुआ था, जिस वजह से स्कूल लंबे समय से बंद चल रहे थे.

हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन क्लास (Online Class) छात्रों की चल रही थी. लेकिन बीते दिनों केंद्रीय गृहमंत्रालय (MHA) ने अनलॉक को लेकर जब गाइडलाइन जारी की तो इसमें स्कूलों को लेकर भी फैसला किया कि 21 सितंबर से स्कूल कक्षा 9 से 12 तक खुल सकते हैं. लेकिन इस दौरान कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) का पूरा पालन होना चाहिए. इसके बाद बिहार में सोमवार से सभी सरकारी और निजी स्कूल खुल गए.