झारखंड चुनाव: पहले चरण के मतदान के लिए थमा प्रचार का शोर, 30 नवंबर को वोटिंग

पहले चरण में 37,83,055 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. 13 सीटों पर कुल 189 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा. भवनाथपुर विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 28 उम्मीदवार चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं.

झारखंड चुनाव: पहले चरण के मतदान के लिए थमा प्रचार का शोर, 30 नवंबर को वोटिंग
चुनाव को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections) में पहले चरण के मतदान के लिए गुरुवार शाम को प्रचार थम गया. 30 नवंबर यानी शनिवार को 13 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी. ये 13 सीटें झारखंड के नक्सल प्रभावित छह जिलों की हैं. यहां शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न करवाना चुनाव आयोग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.

आपको बता दें कि पहले चरण में 37,83,055 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. 13 सीटों पर कुल 189 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा. भवनाथपुर विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 28 उम्मीदवार चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं.

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पहले चरण में शामिल सीटों पर प्रमुख उम्मीदवारों में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव और पूर्व मंत्री और 136 करोड़ रुपये के दवा घोटाले के आरोपी भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता भानु प्रताप शाही शामिल हैं.

Paramilitary force patrolling at a high alert area near Manika Vidhan Sabha

चुनाव प्रचार के अंतिम दिन केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने चतरा और गढ़वा में दो रैलियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अनुच्छेद-370 के साथ ही राम मंदिर विवाद के समाधान में देरी के लिए कांग्रेस की आलोचना की. साथ ही झारखंड से नक्सलवाद को खत्म करने का दावा भी किया.

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, 'नक्सलियों को जमीन के 20 फुट नीचे दफना दिया गया है. बीते पांच सालों में केंद्र और राज्य में बीजेपी शासन के दौरान नक्सलियों का सफाया हो चुका है. पहले लोग घर से बाहर कदम रखने में डरते थे और अब लोग आधी रात में बारात लेकर जाते हैं.'