झारखंड: लड़कियों के लिए बेहतरीन शिक्षा केंद्र के रूप में उभरा लोहरदगा का एकलव्य आवासीय विद्यालय

लोहरदगा के कुजरा में महज एक साल पहले खुले एकलव्य आवासीय विद्यालय बेटियों को अपने सपने पूरे करने की शक्ति दे रहा है. 

झारखंड: लड़कियों के लिए बेहतरीन शिक्षा केंद्र के रूप में उभरा लोहरदगा का एकलव्य आवासीय विद्यालय

रघुवर सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं मुहिम अब रंग ला रही है. लोहरदगा में एकलव्य आवासीय विद्यालय इस मुहिम में मददगार साबित हो रहा है. जहां पिछड़े इलाके से आई बेटियों को जीवन के सपनों को संजोने और लक्ष्य को भेदने की शिक्षा दी जा रही है. 

लोहरदगा के कुजरा में महज एक साल पहले खुले एकलव्य आवासीय विद्यालय बेटियों को अपने सपने पूरे करने की शक्ति दे रहा है. जिले के पिछड़े इलाके से आई बच्चियों के हौसले बता रहे हैं कि स्कूल में बेहतर शिक्षा से कैसे जीवन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. रघुवर सरकार की पहल से इन बेटियों के हौसले को पंख मिल गए हैं.

शुरुआत में छात्राओं को भाषा और व्यवहार में बदलाव के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी लेकिन आज ये अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए जी जान से जुटी हैं. स्कूल में 25 फीसदी सीटें विलुप्त हो रहे आदिम जनजाति समाज के लिए आरक्षित है. जिससे अति पिछड़े इलाके के लड़कियों को निशुल्क आवासीय शिक्षा का लाभ मिल रहा है।

रघुवर सरकार की नीतियों से पहले नक्सलियों का सफाया हुआ और अब शिक्षा व्यवस्था में हुए नए बदलाव से बेटियों को प्लस टू तक निशुल्क शिक्षा मिल रही है. व्यवस्था में बदलाव से बेटियां आगे बढ़ रही हैं.