Bihar Politics: गया के बोधगया में पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पूरे भारत में 100 से 150 ही जज हैं, जिनके बेटा, पोता जज हैं. जज का परिवार ही जज हो रहा है और मजदूर का बेटा मजदूर रह जाता है. लोग जय भीम से चिढ़ते हैं. उन्होंने कहा कि महादलितों से डराकर वोट लिया जाता है कोई मांग भी नहीं उठा पाता है. आजादी के 78 साल हो गए है. 5 साल पर चुनाव का मौका मिलता है तो हमलोग आपस में बंट जाते हैं.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

दरअसल, गया जिला के बोधगया में आयोजित एक समारोह में पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि भीम राव अंबेडकर की बातों को दुहराते है, लेकिन उसे अपने जीवन में नही उतारते हैं जब सरकार पुण्यतिथि या जन्मतिथि मनाती है तो इससे खुश नहीं है, क्योंकि लोग जय भीम से चिढ़ते हैं. आने वाले बच्चों पर उल्टा असर न पड़े उसके दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव पड़े यह डर होता है. 


पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि छात्रावास में एससी और दलित मन में रोते है. वहां दुसाध, चमार को दूसरे जात के लोग नहीं समझते है. इसके भुक्तभोगी खुद रहे है. उन्होंने बताया कि जब गया कॉलेज में वर्ष 1962 में छात्रावास में गया था तो मार्क्स के अनुसार हमें छात्रावास का 6 नंबर रूम मिलना चाहिए था, उस वक्त वहां 14 कमरा था. लेकिन हमें रूम वहां मिला जहां बीमार लोगों को रखा जाता था. आज गिरे हुए है तो अपने लोगों को समझिए.


यह भी पढ़ें:बिहार में मांझी के बयान पर तेज हुई राजनीति, राजनेताओं ने लगाया आरोप-प्रत्यारोप


जीतन राम मांझी ने आगे कहा कि यादवों की संख्या से कम महादलितों की संख्या नहीं है, लेकिन महादलितों में एकता नहीं है. यादवों में ऐसे एकता है की शरद यादव भी कोई कार्यक्रम में होगा तो लालू यादव जिंदाबाद का नारा लगता है. तेजस्वी यादव जो 7वां पास है वह घूम रहा हैं. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव 17 महीने में इतना काम किया वह कह रहा हैं. सीएम के अलावा मंत्री को इतना पावर है, जो काम कर दें. जो करता है वह सीएम ही करता हैं. मंत्री लोग सिर्फ काम का प्रस्ताव देगा. कैसे कहते चल रहा हैं कि 4 लाख लोगों को शिक्षक की नौकरी दिया. 


बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि जाति का भीड़ होता है आपको भी करना चाहिए. लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के कहने पर 95 प्रतिशत यादव लालू यादव जिंदाबाद बोलता है.


रिपोर्ट: पुरूषोत्तम कुमार