मुजफ्फरपुर:Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र के मैठी गांव में बीते दिनों एक मामले को लेकर छापेमारी करने गई पुलिस पर आरोप लगा है कि पुलिस ने देर रात बिना महिला पुलिस के घरों में घुसकर महिलाओं की पिटाई कर दी. मामले को लेकर अब विवाद बढ़ता जा रहा है और लोग स्थानीय थाना प्रभारी के हटाने की मांग पर अड़े हैं. वहीं अब इसको लेकर लोगों ने लोकसभा चुनाव में वोटिंग का भी बहिष्कार कर दिया है. साथ ही जब जनसंपर्क में घटना वाले गांव में भाजपा प्रत्याशी राज भूषण निषाद पहुंचे तो लोगों ने उनका विरोध कर दिया और कहा आपकी सरकार के अधिकारी महिलाओं पर जुल्म ढाह रहे हैं. इसलिए हम लोग अब वोट नहीं करेंगे और पूरे गायघाट विधानसभा के लोगों से अपील कर चुनाव के दिन एक भी बूथ पर वोट नहीं देने का अपील करेंगे.


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दरअसल पूरा मामला मुजफ्फरपुर जिले के गयाघाट प्रखंड के मैठी गांव का है. जहां 4 अप्रैल की देर रात शराब मामले को लेकर गयाघाट थाना की पुलिस मैठि गांव में छापेमारी करने पहुंची थी. जिस दौरान महिलाओं का आरोप है कि महिला पुलिस बल नहीं थी इसके बावजूद पुलिस के द्वारा घर में घुस कर के महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और घर की महिलाओं के साथ बर्बरतापूर्वक उनकी पिटाई की गई.जिसमें युवती का पैर तोड़ दिया गया है.


वहीं पूरे घटनाक्रम के बाद मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के प्रत्याशी राज भूषण निषाद जनसंपर्क पहुंचे थे,जहां उन्हें वहां स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. लोगों ने सीधे तौर पर कहा कि सरकार आपकी है अगर हमें न्याय नहीं दिलाते है तो इस बार गयाघाट प्रखंड की जनता वोट का बहिष्कार करेगी..जिसके बाद मुजफ्फरपुर के भाजपा प्रत्याशी राज भूषण निषाद ने मुजफ्फरपुर एसएसपी राकेश कुमार और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मामले को लेकर बातचीत की. जिसके बाद राज भूषण निषाद ने कहा कि लोगों से बात करने के बाद यह प्रतीत होता है कि इस पूरे मामले में कहीं ना कहीं थाना अध्यक्ष पुरुषोत्तम यादव दोषी है और उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. इसके लिए वह सरकार के स्तर से लेकर बढ़िया पुलिस अधिकारी के स्तर तक मामले को गंभीरता से लेने के लिए कहा है.


इनपुट - मणितोष कुमार


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