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बिहार विधानसभा में आवारा कुत्तों को भगाने के लिए सीएम नीतीश कुमार को देना पड़ा आदेश

विधानसभा पहुंचे सीएम नीतीश कुमार को वहां मौजूद आवारा कुत्तों को भगाने के लिए आदेश देना पड़ा.  

बिहार विधानसभा में आवारा कुत्तों को भगाने के लिए सीएम नीतीश कुमार को देना पड़ा आदेश
बिहार विधानसभा में आवार कुत्तों का आतंक फैला है.

पटनाः बिहार में आवारा कुत्तों का आतंक काफी है. लेकिन यह आतंक विधानसभा तक पहुंच गया और हैरानी तो तब हुई जब सीएम नीतीश कुमार को अवारा कुत्तों को भगाने के लिए निर्देश देना पड़ा. सोमवार को विधानसभा पहुंचे सीएम नीतीश कुमार को वहां मौजूद आवारा कुत्तों को भगाने के लिए आदेश देना पड़ा.

बिहार में इन दिनों बिहार विधान मंडल का मॉनसून सत्र चल रहा है. सत्र को लेकर चाकचौबंद व्यवस्था की गयी है. विधानमंडल के आसपास धारा 144 लागू है. बिना पहचान पत्र के विधान मंडल में किसी की भी एंट्री नहीं हो सकती है. लेकिन आए दिन विधानसभा परिसर में कई बिन बुलाए मेहमान चले आते हैं. जिसे जिसे विधान मंडल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी भी नहीं रोक पाते हैं.

जी हां हम बात कर रहे हैं आवारा कुत्तों की जो बिहार विधान मंडल में देखने को मिलता है. यहां बडी संख्या में कुत्ते इधर उधर भटकते रहते हैं. बीते दिनों बजट सत्र के दौरान ही एक कुत्ते ने दो कर्मचारियों को काटकर घायल कर दिया था. उस वक्त मामले को लेकर काफी हंगामा मचा था. विधायकों ने भी इसपर सवाल खड़े किए थे. तत्काल कार्रवाई के रूप में कुत्तों को भगाया तो गया, लेकिन यह कुत्ते फिर दोबारा उस जगह पर आ गए. 

वहीं, सोमवार को सीएम नीतीश कुमार दोपहर के वक्त विधानसभा पहुंचे. सीएम की आने की सूचना को लेकर पुलिस के तमाम अधिकारी अलर्ट थे. सीएम जैसे ही विधानसभा के अंदर जाने लगे उनकी नजर विधानसभा के सामने बने ग्राउंड पर पड़ी. जहां आवारा कुत्ते उधम मचाये हुए थे. सीएम ने गार्डस को इशारा कर बोला कि यह सब क्या है. सीएम के इशारों को सुरक्षाकर्मी तत्काल समझ गये और कुत्तों को मैदान से भगाने की कवायद शुरु हो गयी. मुख्यमंत्री के निर्देश पर आवारा कुत्ते भगाये गये.

यह कवायद तब चल रही थी जब सदन की कार्रवाई चलने के दौरान नगर निगम से लेकर तमाम विभागों के अधिकारियों का एक कुनबा विधानमंडल में मौजूद रहता है. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या आवारा कुत्तों को भगाने के लिए सरकारी महकमा सीएम के इसारे का इंतजार करेगा.