पटना: कोटा में एक और कोचिंग छात्र ने आत्महत्या कर ली. पिछले आठ महीने में कोटा में मरने वालों की संख्या 21 हो गई है. सिर्फ अगस्त में 4 छात्रों ने जान दे दी है. करीब 10 घंटे तक वाल्मिकी प्रसाद जांगिड़ का शव नहीं मिला. 18 वर्षीय छात्र आईआईटी परीक्षा की तैयारी कर रही थी. अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING


पुलिस ने बताया कि घटना सोमवार रात करीब 10 बजे की है, लेकिन पुलिस को मंगलवार की रात करीब 8 बजे घटना की जानकारी मिली. मृतक वाल्मिकी प्रसाद जांगिड़ बिहार के गया का रहने वाला था. वह जुलाई 2022 में कोटा आया था और एक किराए के मकान में रहता था. जब पास में रहने वाले एक अन्य छात्र ने शाम 7 बजे तक वाल्मिकी को नहीं देखा तो उसने मंगलवार की शाम को उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला.


छात्रों ने मकान मालिक को सूचना दी तो वह आधे घंटे बाद पहुंचे. उसने भी दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो पुलिस को खबर दी गई. जब पुलिस ने दरवाजा खोला तो वाल्मिकी को कमरे की खिड़की से लटका पाया गया. शुरुआती जानकारी में पता चला कि वाल्मिकी ने पहले सत्र में आईआईटी की तैयारी भी की थी. वह फिलहाल दूसरे सत्र की तैयारी कर रहा था.


मृतक के पिता विनोद के मुताबिक वह अपने बेटे को कोटा नहीं भेजना चाहते थे. विनोद ने बताया किसोमवार को वाल्मिकी ने फोन पर दो बार बात की थी. उसने तनाव जैसी कोई बात नहीं बताई थी. बता दें इस महीने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी मनीष प्रजापति (17), बिहार के मोतिहारी निवासी भार्गव मिश्रा (17) और उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के मनजोत छाबड़ा (18) ने भी खुदकुशी कर ली थी.


इनपुट- आईएएनएस


ये भी पढ़िए- MrityuBhoj Or Death Feast: मृत्युभोज या तेरहवीं क्यों कराई जाती है?