पटना : बिहार के सरकारी अस्पताल का हल इतना खराब है कि मरीजों को प्रयाप्त इलाज समय पर नहीं मिल पा रहा है. कई जगह तो यह हाल है कि लोगों का ऑपरेशन तक गलत कर दिया जा रहा है. बता दें कि कैमूर के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराने गए युवक की डॉक्टरों ने नसबंदी कर दी.


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डॉक्टरों ने खुद परिजनों को दी जानकारी
पीड़ित युवक के परिजनों को डॉक्टर ने खुद जानकारी देते हुए कहा कि हमने युवक की नसबंदी कर है आप लोग हाइड्रोसील का ऑपरेशन कहीं प्राइवेट अस्पताल में करा लो. इतना ही सुनते है परिजनों ने अस्पताल व्यवस्था से नाराज होकर जमकर हंगामा किया. पीड़ित परिवार के कहना है कि पीड़ित की अभी शादी नहीं हुई है, अब अगर शादी भी हो गई तो बच्चे नहीं होंगे. डॉक्टरों ने हमारे बेटे की जिंदगी बर्बाद कर दी है. इस बाद रसे नाराज होकर पीड़ित परिवार अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है. 


नसबंदी पर क्या कहते बिहार के प्रख्यात सर्जन
बिहार के प्रख्यात सर्जन और आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सहजानंद का कहना है कि अगर नसबंदी तुरंत हुई है तो अच्छे सर्जन से खुलवा सकते हैं. ज्यादा वक्त गुजरने से फाइब्रोसिस हो सकता है. ज्यादा देर से खुलेगा तो प्रजनन तंत्र की क्षमता 30 प्रतिशत कम हो सकती है. वैसे, नसबंदी को वर्षों बाद खुलवाकर बच्चे पैदा करने के भी केस होते रहे हैं.


डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे परिजन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रख्यात सर्जन डॉ. सहजानंद सिंह का कहना है कि ऑपरेशन में अगर डॉक्टर से लापरवाही हुई है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने परिजनों को राय दी कि पीड़ित का जल्द से जल्द इलाज कराएं. परिजन चाहें तो पटना लाकर मुझसे भी इलाज करा सकते हैं. ज्यादा समय होने पर फाइब्रोसिस का रिस्क हो सकता है. अगर समय कम हुआ तो गारंटी नहीं दी जा सकती, लेकिन ऐसे केस खूब हुए हैं जब वर्षों बाद नसबंदी खुलवा कर बच्चे पैदा हुए हैं. परिजनों को बिना देरी करते हुए अपना इलाज करवाना चाहिए.


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