पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को गंगा नदी पर चार लेन के एक निर्माणाधीन पुल का एक बड़ा हिस्सा गिरने के बाद जांच के आदेश दिए. संबंधित अधिकारियों ने निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से घटना पर चर्चा करने के बाद मामले की जांच के लिए एक टीम गठित करने और निर्माण में लगी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए.


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सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके अलावा अमृत ने कहा हम निर्माण कंपनी 'एसके सिंगला' के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे. जांच पूरी होने के बाद इसे 'ब्लैक-लिस्ट' में डाल दिया जाएगा. सुल्तानपुर अनुमंडल से खगड़िया जिले के बीच चार लेन का पुल 1716 करोड़ रुपये से बन रहा है. पिलर नंबर 5 और 6 के बीच पुल का सुपरस्ट्रक्चर रविवार को ढह गया है. अधिकारी ने कहा कि पिछले साल 30 अप्रैल को जब पुल ढहा था, तब ''हमने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से सलाह ली थी. हमने उनसे न केवल स्तंभ संख्या 5, बल्कि 2, 3 और 4 की भी जांच करने का अनुरोध किया. पुल का डिजाइन केबल द्वारा समर्थित कंक्रीट संरचना पर आधारित है. यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है.


उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव जो पथ निर्माण विभाग के प्रभारी भी हैं उन्होंने कहा कि पिछले साल गिरने के बाद हमें संरचना में कुछ दरारें मिलीं. हमने दोषपूर्ण संरचनाओं को तोड़कर नए निर्माण के लिए कहा. हमें डिजाइन में गलती का संदेह था और हमें संरचनाओं के बारे में भी शिकायतें मिली हैं. तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि पुल गिरने से अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है.


इनपुट- आईएएनएस


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