पटनाः Lalan Singh Reaction on Upendra Kushwaha: पिछले लगभग दो महीने से जारी उपेंद्र कुशवाहा प्रकरण सोमवार को जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष के इस्तीफे से समाप्त हुआ. कुशवाहा अब जदयू से अलग हो गए हैं और इसी के साथ बिहार के सियासी गलियारे में जारी अटकलों का दौर खत्म हो गया है. उपेंद्र कुशवाहा के इस्तीफे के बाद जदयू की प्रतिक्रिया भी आ गई है. कुशवाहा के नई पार्टी बनाने के ऐलान के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह  ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया.


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प्रेस वार्ता में किया पलटवार
ललन सिंह ने कहा 'दो दिन से सुन रहे थे कि उपेंद्र कुशवाहा मीटिंग कर रहे हैं. कुशवाहा की नई पार्टी को लेकर ललन सिंह ने कहा कि हम लोगों की शुभकामना है. पहली बार विधायक बने तो उन्हें नीतीश कुमार ने विरोधी दल का नेता बनाया था. जब वे आए तो नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेजा. तीन महीने में ही दल विरोधी काम किया और चले गए.' 


प्रेस से बातचीत में ललन सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा फिर दोबारा पार्टी में आना चाहते थे. जेडीयू का कोई नेता नहीं चाहता था कि वे पार्टी में आएं, लेकिन उसके बाद भी नीतीश कुमार ने पार्टी में शामिल कराया. उपेंद्र कुशवाहा पर कोई भरोसा नहीं करेगा. जहां जा रहे हैं कुछ दिन के बाद देखिएगा क्या होगा.'  उपेंद्र कुशवाहा की ओर से समर्थकों के साथ दो दिनों की बैठक के बाद नई पार्टी बनाने का विधेयक पास कर दिया है. इस बात की जानकारी खुद उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी है. इस बात की पुष्टि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने भी कर दी है. उन्होंने कहा है कि उपेंद्र कुशवाहा का अब JDU से कोई रिश्ता नहीं है.