भोजपुर : जगदीशपुर थानाक्षेत्र के घाघा गांव के महादलित टोले में अवैध शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई आबकारी विभाग की टीम पर शराब कारोबारियों ने हमला बोल दिया. पुलिस की टीम पर लगभग 40 से 50 की संख्या में महिलाएं पुरुषों ने ईंट पत्थरों से हमला किया. इस हमले में डीएसपी समेत 11 पुलिसकर्मी बुरी तरह जख्मी हो गए.


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क्या है पूरा मामला
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना आधार पर आबकारी विभाग के साथ अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने निकले थे. सरकारी काम में बाधा बन ग्रामीणों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. पुलिस और ग्रामीणों के बीच इस झड़प का फायदा उठाते हुए ग्रामीणों ने पुलिस छापेमारी में जब्त किए गए देशी शराब के साथ-साथ गिरफ्तार शराब के धंधे में लिप्त लोगों को भी पुलिस के कब्जे से छुड़ाकर भाग गए. आनन फानन में पूरी आबकारी टीम को वहां से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा. 


हमले में  11 पुलिसकर्मी हो गए घायल
उत्पाद निरीक्षक चौधरी सूर्यभूषण अवैध शराब की सूचना पर आबकारी विभाग की टीम घाघा गांव के महादलित टोले में गई थी. जहां टीम पर हमला हो गया. जिसमें उत्पाद निरीक्षक चौधरी सूर्यभूषण, अवर निरीक्षक राहुल कुमार दुबे, अजित कुमार, पूजा कुमारी, एएसआई मदन लाल यादव, जितेंद्र कुमार, जयराम प्रसाद, रामजी चौधरी, सिपाही मनीष कुमार, होमगार्ड रानी कुमारी समेत कुल 11 लोग घायल हुए है. सभी घायलों का इलाज जगदीशपुर रेफरल अस्पताल में कराया गया. हमला होने से भगदड़ मच गई. पुलिस का कहना है कि इस हमले में पुलिस के तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए है. साथ ही हमारे द्वारा जब्त शराब को ग्रामीणों की भीड़ द्वारा नष्ट करने के साथ पकड़े गए चार शराब कारोबारियों को भी जबरन छुड़ा लिया गया. फिलहाल उत्पाद निरीक्षक के तहरीर पर जगदीशपुर थाने में केस दर्ज कर ली गई है. पुलिस मामले में अग्रेतर कार्रवाई में जुट गई है. गौरतलब हो कि अभी 24 दिनों पहले बीते तीन जनवरी को भी धनगाई थानाक्षेत्र के बोधा टोला गांव में अवैध शराब की बिक्री होने पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ था जिसमें धनगाई थाने के एएसआई समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे.


इनपुट- मनीष कुमार 


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