सहरसा: एक तरफ बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है तो दूसरी ओर सहरसा मुख्यालय के महावीर चौक स्थित रूपवती कन्या उच्च विद्यालय के इमारत पर भारी मात्रा में खाली शराब की बोतलें पड़ी हुई हैं. शराबबंदी वाले बिहार में शिक्षा के मंदिर में खाली पड़ी शराब की बोतलें शराबबंदी कानून पर सवाल उठा रही है. 


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स्कूल के छत पर असामाजिक तत्वों द्वारा शराब का सेवन करने के बाद एक नही दो नही बल्कि दर्जनों शराब की बोतलें फेंकी जा रही है. इतना ही नही आए दिन स्कूल परिसर सहित आसपास में शराब की बोतलें फेंकी पाई जाती है जिससे यहां पढ़ने आने वाली छात्राएं अपने आपको असहज महसूस करती है. 


स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि आए दिन शाम ढलने के बाद स्कूल कैम्पस और स्कूल के छत पर असामाजिक तत्वों द्वारा शराब का सेवन करने के बाद शराब की खाली बोतल को फेंक जाता है. सुबह स्कूल पहुंचने के बाद सफाई कराई जाती है. विद्यालय के प्राचार्य का कहना है कि उन्होंने इस सम्बंध में सम्बंधित अधिकारियों को शिकायत भी की है लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नही की गई है. 


गौरतलब है कि बिहार में 1 अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू है. इसको लेकर कई बार बिहार सरकार पर भी सवाल उठे हैं. जीतन राम मांझी इस कानून को लेकर कई बार सवाल उठा रहे हैं. वो सरकार से कई बार इस कानून को वापस लेने की मांग भी कर चुके हैं. इसके अलावा बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी भी इस कानून की समीक्षा की बात कह चुके हैं.