इस कारण टला मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में फैसला, साकेत कोर्ट ने तय की नई तारीख

पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था. आरोप सिद्ध होने पर 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा हो सकती है. इस मामले में समाज कल्याण विभाग के कई अधिकारी आरोपी हैं.

इस कारण टला मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में फैसला, साकेत कोर्ट ने तय की नई तारीख
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में अब 12 दिसंबर को कोर्ट सुनाएगी फैसला. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली/मुजफ्फरपुर: बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर शेल्टर होम (Muzaffarpur Shelter Home Case) केस में फैसला टल गया है. कोर्ट आज अपना फैसला नहीं सुनाएगी. कोर्ट के मुताबिक, वकीलों की हड़ताल की वजह से आरोपी कोर्ट परिसर नहीं आ रहे हैं, लिहाजा अगली तारीख दी गई है. अब साकेत कोर्ट (Saket Court) में 12 दिसंबर को इस मामले में फैसला सुनाया जाएगा. ज्ञात हो कि इस बेहद संवोदनशील मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर सहित 21 लोगों पर सुनवाई चल रही है.

पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था. आरोप सिद्ध होने पर 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा हो सकती है. इस मामले में समाज कल्याण विभाग के कई अधिकारी आरोपी हैं. सीबीआई को मामले की जांच सौंपी गई थी और 18 दिसंबर को चार्जशीट दाखिल की गई थी. 

साथ ही बता दें कि मामले की सुनवाई पहले मुजफ्फरपुर के अदालत में हो रही थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामले की सुनवाई दिल्ली के साकेत कोर्ट में हुई. साथ ही सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश पर मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को बिहार से पंजाब की पटियाला जेल में भेजा गया था. एक अक्टूबर को बहस पूरी होने के बाद आज फैसला सुनाने का दिन निर्धारित किया गया था, जो कि अब 12 दिसंबर तक के लिए टल गया है.

बालिका गृह में किशोरियों के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया था. इसके बाद महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. बाद में सरकार के हस्तक्षेप पर मामला सीबीआई के पास गया. फिलहाल पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है. एनजीओ के माध्यम से सरकार के पैसों का बंदरबांट कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने वाला मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर फिलहाल पंजाब के पटियाला जेल में बंद है.