बिहार में चुनाव और रिम्स में बढ़ी भीड़, गेट के बाहर 'लालू चालीसा' पढ़ रहे समर्थक

 बिहार में चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही बड़ी संख्या में नेता और समर्थक लालू यादव से मिलने रिम्स पहुंच रहे हैं. 

बिहार में चुनाव और रिम्स में बढ़ी भीड़, गेट के बाहर 'लालू चालीसा' पढ़ रहे समर्थक
रिम्स में इलाजरत लालू यादव से मिलने के लिए आरजेडी समर्थकों की भीड़ लग रही है.

रांची: बिहार (Bihar) में चुनावी शंखनाद हो गया है और इसका असर रांची स्थित रिम्स में दिख रहा है. दरअसल बिहार में चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही बड़ी संख्या में नेता और समर्थक लालू यादव (Lalu Yadav) से मिलने रिम्स पहुंच रहे हैं. 

रिम्स में इलाजरत लालू यादव से मिलने के लिए आरजेडी समर्थकों की भीड़ लग रही है. इसमें नेता से लेकर आम लोग तक शामिल हैं. वहीं, लालू यादव को लेकर 1993 में लालू चालीसा लिखने वाले सीतामढ़ी के लीला यादव उर्फ लालबाबू राय रिम्स के डायरेक्टर बंगला के बाहर बैठकर लालू चालीसा पढ़ते हुए नजर आए.

लीला यादव ने अब चालीसा के बाद लालू चरित मानस लिखा है. साथ ही लालू यादव को लेकर कई अन्य चीजें लीला यादव लिखकर रिम्स पहुंचे. वहीं खगड़िया से चलकर आए लोगों की माने तो उनका लालू जी से उनकी यही मांग है कि खगड़िया से अब दबंगों को टिकट दिया जाए.

इसके लिए वह यहां धरने पर बैठ गए हैं. उनका कहना है कि जब तक लालू यादव से मुलाकात नहीं होती और अपनी बात नहीं पहुंचा देते तब तक यही डटे रहेंगे. इसके पहले आज ही छपरा के लालू यादव के एक समर्थक उनके लिए सब्जी और फलों से भरा कार्टून लेकर पहुंचे. हालांकि जब लालू यादव रिम्स के पेइंग वार्ड में इलाज थे तभी भी रामबाबू लालू यादव के लिए दही चूड़ा और अन्य सामान लेकर आया करते थे.

अपने खेत में उठ जा कर यह तमाम सब्जी रामबाबू लालू यादव के लिए अपने कार से 600 किलोमीटर का सफर तय कर रांची तक पहुंचे हैं. लालू यादव को रामबाबू अपना भगवान मानते हैं और इसीलिए वह सब कुछ यहां लेकर पहुंचते हैं. हालांकि, उनकी मुलाकात लालू यादव से नहीं हुई.