हाजीपुरः Lok Sabha Election 2024: चिराग पासवान मान गए हैं. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक के बाद खुद चिराग पासवान ने ऐलान किया, एनडीए सदस्य के रूप में आज भाजपा अध्यक्ष माननीय जेपी नड्डा जी के साथ बैठक में हमने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए बिहार में सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है. उचित समय आने पर इसकी सूचना दी जाएगी.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

उसके बाद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेपी नड्डा के साथ बैठक में तय हो गया कि चिराग पासवान हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगे और पशुपति कुमार पारस का इस सीट से पत्ता कट गया है. इसका मतलब यह कि पशुपति कुमार पारस जो जिद पकड़कर बैठे थे, उसका पटाक्षेप हो गया है और भाजपा आलाकमान ने उनकी जिद को उतना महत्व नहीं दिया है. चिराग पासवान का ट्विटर पर य​ह लिखना की समझौता हो गया, दर्शाता है कि उनकी सबसे बड़ी मांग, यानी हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ने की उनकी बहुप्रतीक्षित मांग को मान लिया गया है.


बताया जा रहा है कि चिराग पासवान के हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ने की सूरत में पशुपति कुमार पारस को समस्तीपुर भेजा जा सकता है. हाजीपुर सीट चिराग पासवान के पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान की परंपरागत सीट रही है और इस सीट पर उनकी भावनाएं जुड़ी हुई हैं. यही कारण है कि चिराग पासवान हाजीपुर सीट चाह रहे थे. यह उनके लिए चुनाव से ज्यादा विरासत और भावनात्मक मसला था. 


दूसरी ओर, पशुपति कुमार पारस हाजीपुर सीट छोड़ना नहीं चाहते थे. इसका कारण यह है कि रामविलास पासवान के साथ इस क्षेत्र के लोग बहुत अटैच्ड हैं और उनके नाम पर यहां से कोई भी चुनाव लड़कर जीत सकता है. पशुपति कुमार पारस की रणनीति यह थी कि अगर हाजीपुर सीट से वो चुनाव लड़ते हैं तो बैठे बिठाए एक सीट तो हासिल हो ही जाएगा और बाकी मोदी मैजिक में भी एक दो सीटें निकाल देंगे. लेकिन हाजीपुर सीट पर विरासत की जंग में चिराग पासवान ने बाजी मार ली है. चिराग पासवान ने भाजपा का इसके लिए आभार भी जताया.


यह भी पढ़ें- बिहार की सभी 40 और पूरे देश में 400 से ज्यादा जीतेगा एनडीए, सीट शेयरिंग पर सहमति के बाद चिराग पासवान गदगद