Assam DNLA Peace Deal: उत्तर पूर्व को उग्रवाद मुक्त (Terror Free North East) करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की मौजूदगी में उग्रवादी समूह दिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी (Dimasa National Liberation Army ) ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय गृह मंत्रालय और असम सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. 


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इन जिलों से पूरी तरह खत्म हुई हिंसा और  उग्रवाद: गृह मंत्री


शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज हुए समझौते से असम के दीमा हसाओ जिले से उग्रवाद और हिंसा पूरी तरह से समाप्त हो गए हैं. इसके साथ ही असम के हिंसा में लिप्त सभी संगठनों का अंत हो गया है, सभी जनजातीय समूह मुख्यधारा में शामिल होकर भारत के विकास की प्रक्रिया में भागीदार बन रहे हैं. 


(हिंसा मुक्त पूर्वोत्तर की दिशा में बड़ी पहल)

मुख्य धारा में लौटे DNLA के सैकड़ों लोग


गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इस समझौते के तहत DNLA प्रतिनिधियों ने हिंसा छोड़ने, हथियार और गोला-बारूद सहित आत्मसमर्पण करने, अपने सशस्त्र संगठन को भंग करने, DNLA कैडर के कब्जे वाले सभी शिविरों को खाली करने और मुख्यधारा में शामिल होने पर सहमति जताई है. जिसके फलस्वरूप DNLA के 168 से अधिक सशस्त्र कैडर अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करके मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं. 


पीएम मोदी के विजन पर कामयाबी


गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकमुक्त, हिंसामुक्त और विकासयुक्त नॉर्थ-ईस्ट की कल्पना देश के सामने रखी है और गृह मंत्रालय प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस दिशा में आगे बढ़ रहा है. भारत सरकार और असम सरकार DNLA के आत्मसमर्पण करने वाले कैडर का पुनर्वास सुनिश्चित करेंगे और NCHAC के साथ अन्य हिस्से में रहने वाले दिमासा लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए भारत सरकार और असम सरकार द्वारा पांच साल की अवधि में 500-500 करोड़ रुपये का एक विशेष विकास पैकेज भी प्रदान किया जाएगा.