नई दिल्ली: पिछले 8 महीने से पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में कई हेकड़ी दिखाने के बावजूद भारत को अब तक पीछे धकेलने में विफल रहा चीन (China) लगातार मनोवैज्ञानिक युद्द करके दबाव बनाने की कोशिश में है. उसने अब अपने सदाबहार सहयोगी पाकिस्तान (Pakistan) के साथ मिलकर भारत के गुजरात से लगते सिंध प्रांत में संयुक्त वायु सेना शाहीन (ईगल)-9 (Shaheen (Eagle)-IX) युद्धाभ्यास शुरू किया है. इस युद्धाभ्यास में दोनों देशों के कई लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं. 


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वर्ष 2011 में हुई थी शाहीन (ईगल)' की  शुरुआत
बता दें कि दोनों देशों के बीच हर साल होने वाले संयुक्त वायुसेना युद्धाभ्यास 'शाहीन (ईगल)' की  शुरुआत 2011 में हुई थी. तब से हर साल यह युद्धाभ्यास बारी-बारी से दोनों देशों में होता है. इस बार दोनों देशों की वायुसेनाओं का 'शाहीन (ईगल)-9' (Shaheen (Eagle)-IX) युद्धाभ्यास है. भारत (India) पर दबाव डालने के लिए दोनों देशों ने जानबूझकर इस युद्धाभ्यास के लिए सिंध का चुनाव किया है. यह प्रांत भारत के गुजरात राज्य से सटा हुआ है. 


सिंध के Thatta जिले में शुरू हुआ युद्धाभ्यास
सिंध के Thatta जिले में बने पाकिस्तान एयर फोर्स के अड्डे पर बुधवार से शुरू हुए इस संयुक्त युद्धाभ्यास (Shaheen (Eagle)-IX) में दोनों देशों के वायु सेना अधिकारियों ने सलामी गारद की सलामी ली. इस युद्भाभ्यास में दोनों देशों के लड़ाकू जेट रेगिस्तानी इलाके में बम बरसा रहे हैं और साथ ही अपने एयर डिफेंस कमांड की कमजोरियों को भी चेक कर रहे हैं. 


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युद्धाभ्यास पर लगी हुई है भारत की निगाह
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक दोनों देशों का संयुक्त युद्धाभ्यास भारत पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने से ज्यादा कुछ नहीं है. फिर भी पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में चीनी वायु सेना (Chinese Air Force) की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सेना और सेना भी पूरी तरह सतर्क हैं और इस संयुक्त युद्धाभ्यास पर बारीकी से नजर रख रही हैं. सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों द्वारा भारत पर एक साथ हमले की आशंका को देखते हुए भारत भी अपनी रक्षा और आक्रमण क्षमता को मजबूत बनाने में जुटा हुआ है. (इनपुट पीटीआई)


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