Narendra Modi Lal Quila Speech स्वतंत्रता दिवस पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से नौवीं बार देश को संबोधित किया. उन्होंने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आजादी के इतने दशकों के बाद पूरे विश्व का भारत की तरफ देखने का नजरिया बदल चुका है. ये बदलाव 75 साल की हमारी यात्रा का परिणाम है. अब दुनिया समस्याओं का समाधान भारत की धरती पर दुनिया खोजने लगी है. 


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पीएम मोदी ने कहा कि अब देश बड़े संकल्प लेकर चलेगा. पहला संकल्प है विकसित भारत और उससे कुछ कम नहीं होना चाहिए. दूसरा-अगर हमारे मन की भीतर गुलामी का एक अंश भी हो तो उसे किसी नहीं सूरत में बचने नहीं देना है. तीसरा- हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए. चौथा- एकता और एकजुटता और पांचवां प्रण है- नागरिकों का कर्तव्य, इसमें प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी बाहर नहीं है. मोदी ने कहा कि 25 साल के भीतर विकसित भारत बनाएंगे. हालांकि इस बार खुफिया अलर्ट के बाद लाल किले पर सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी रही. हर बार से इतर इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुलेटप्रूफ बॉक्स में भाषण देते दिखाई दिए. बुलेट प्रूफ बॉक्स का सबसे पहले इस्तेमाल पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया था. 


दरअसल खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है. एजेंसियों ने इनपुट दिया है कि पाकिस्तान बॉर्डर के रास्ते पंजाब से होते हुए ड्रोन के जरिये देश के कई शहरों में IED पहुंच चुके हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, देवबंद और आजमगढ़ से गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ के दौरान स्वतंत्रता दिवस पर फिदायीन हमले की जानकारी मिली. इस बीच लाल किले पर पीएम मोदी के कार्यक्रम में इस बार बदला हुआ नजारा देखने को मिला.


पतंग और बैसाखी पर नजर 


खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट में कहा है कि SFJ, जैश ए मोहम्मद, ISIS, जैसे आतंकी संगठन 15 अगस्त के दौरान बड़ा हमला करने की फिराक में हैं. पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये पिस्टल, हेंड ग्रेनेड और AK47 जैसे हथियार भारत में भेजे जा चुके हैं. हालांकि कुछ हथियारों को बीएसएफ ने समय रहते जब्त भी किया है.15 अगस्त के दिन देश में कई जगह आतंकी लोन वुल्फ अटैक कर सकते हैं.


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इस बात की भी आशंका है कि आतंकी पतंगनुमा चीज और बैसाखी में कोई हथियार छिपाकर अटैक कर सकता है. 15 अगस्त को लालकिले के आसपास पतंग उड़ाने पर पूरी तरह बैन रहेगा. लाल किले और आसपास की सुरक्षा में करीब 10000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. इस बीच न्यूज एजेंसी पीटीआई की ओर से आज एक तस्वीर जारी की गई है, जिसमें कुछ कर्मचारी लालकिले की प्राचीर पर बुलेट प्रूफ बॉक्स लगा रहे हैं. 


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दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी हर बार बुलेटप्रूफ बॉक्स के बिना इतना ही नहीं स्पीच देने के बाद वह प्रोटोकॉल तोड़कर बच्चों से मुलाकात करते हैं, लेकिन खुफिया अलर्ट के बीच लाल किले पर बुलेट प्रूफ बॉक्स लगाने की तस्वीर यह बयां करती दिख रही है कि इस बार वर्षों से चली आ रही परंपरा बदल सकती है. 


सबसे पहले राजीव गांधी ने किया था बुलेटप्रूफ बॉक्स का इस्तेमाल 


पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सभी प्रधानमंत्री बुलेटप्रूफ बॉक्स में ही भाषण देते थे. प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी से पहले के पीएम अकसर बुलेटप्रूफ बॉक्स में ही भाषण दिया करते थे. 1985 में सबसे पहले पूर्व पीएम राजीव गांधी ने बुलेट प्रूफ बॉक्स में खड़े होकर स्पीच दी थी. हालांकि 1990 में तत्कालीन पीएम वीपी सिंह ने भाषण देने के लिए हाफ बॉक्स का विकल्प चुना, लेकिन पीवी नरसिम्हा राव के लिए फिर से फुल बॉक्स का विकल्प चुना गया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से सीधे जुड़ने के लिए 2014 में शपथ लेने के बाद कभी बुलेट प्रूफ बॉक्स में भाषण नहीं दिया.