Nupur Sharma को कब और कहां मारना है, JEM ने सहारनपुर के नदीम को सौंपा था यह काम
Advertisement
trendingNow0/india/delhi-ncr-haryana/delhiharyana1300476

Nupur Sharma को कब और कहां मारना है, JEM ने सहारनपुर के नदीम को सौंपा था यह काम

UP ATS BIG Success : सहारनपुर से पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी नदीम की दो बुआ पाकिस्तान में रहती हैं. नदीम रिश्तेदारी की आड़ में आतंकी हमले की ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान जाना चाहता था. सोशल मीडिया के जरिये वह तहरीक-ए-तालिबान आतंकी संगठन के आतंकी सैफुल्ला से फिदायीन हमले की ट्रेनिंग ले रहा था.

Nupur Sharma को कब और कहां मारना है, JEM ने सहारनपुर के नदीम को सौंपा था यह काम

नई दिल्ली : यूपी एटीएस ने 15 अगस्त से पहले देश का माहौल खराब करने की एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है. यूपी ने सहारनपुर से जैश-ए-मोहम्मद (JEM) और तहरीक-ए-तालिबान, पाकिस्तान (TTP) से जुड़े संदिग्ध आतंकी मोहम्मद नदीम को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ के दौरान नदीम ने बताया, उसे JEM की ओर से बीजेपी की निलंबित नेता नूपुर शर्मा की हत्या की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. 

ATS के मुताबिक एक गुप्त सूचना के बाद मूलरूप से सरसावा के गांव ढिक्का कला का रहने वाले नदीम और उसके भाई तैमूर को 8 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. जांच के दौरान पता चला कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकी नदीम को स्पेशल ट्रेनिंग देने के लिए पाकिस्तान बुला रहे थे. वह मिस्र के जरिये सीरिया और अफगानिस्तान जाने की भी योजना बना रहा था.

ये भी पढ़ें : न्यूयॉर्क में Salman Rushdie पर चाकू से हमला; दूसरे उपन्यास पर बुकर, चौथे पर हुआ था फतवा जारी

सरकारी भवन या पुलिस परिसर था निशाने पर 

नदीम की दो बुआ पाकिस्तान में रहती हैं. नदीम रिश्तेदारी की आड़ में आतंकी हमले की ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान जाना चाहता था. सोशल मीडिया के जरिये वह तहरीक-ए-तालिबान आतंकी संगठन के आतंकी सैफुल्ला से फिदायीन हमले की ट्रेनिंग ले रहा था. यूपी एटीएस के मुताबिक नदीम किसी सरकारी भवन या पुलिस परिसर पर फिदायीन हमला करने की फिराक में था.

एटीएस के प्रेस नोट के मुताबिक मोहम्मद नदीम के पास से कई तरह के इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस, एक मोबाइल और दो सिम कार्ड बरामद किए गए. नदीम के मोबाइल से एक PDF भी मिला है, जिसका शीर्षक एक्सप्लोसिव कोर्स फिदायी फोर्स (Explosive Course Fidae Force) है. मोबाइल में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के JEM और TTP के आतंकियों के साथ नदीम की चैट के अलावा वॉयस मैसेज भी मिले हैं.

ये भी पढ़ें : Srikant Tyagi ने नेताओं की शह पर Purvanchal से Uttarakhand तक फैला रखा था खनन कारोबार का काला साम्राज्य

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का करता था इस्तेमाल 

नदीम ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह 2018 से वॉट्सऐप, टेलीग्राम, IMO, फेसबुक मैसेंजर और क्लब हाउस जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये आतंकियों से संपर्क में था. इन आतंकियों ने नदीम को वर्चुअल मोबाइल नंबर बनाने की ट्रेनिंग दी थी. साथ ही उसे 30 से अधिक वर्चुअल नंबर और वर्चुअल सोशल मीडिया हैंडल तक पहुंच प्रदान की थी. 

इससे पहले 31 जुलाई को देवबंद से आतंकी गतिविधियों में लिप्त मदरसा छात्र फारुख को गिरफ्तार किया गया था. वह आतंकी संगठन ISIS के वॉट्सऐप ग्रुप से जुड़ा था और आतंकियों से दिशा निर्देश ले रहा था. मूल रूप से बेंगलूरु के छात्र फारुख से कुछ दस्तावेज भी जब्त किए गए थे. कई भाषाओं का जानकार  फारुख आतंकी साहित्य का अनुवाद करता था. इसके बाद 9 अगस्त को ATS ने ISIS से जुड़े सबाउद्दीन आजमी को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया था. सबाउद्दीन की साजिश स्वतंत्रता दिवस के पहले धमाके की थी और ISIS के रिक्रूटर से सीधे संपर्क में था. ATS ने उससे IED बनाने का सामान बरामद किया था.

सभी केस दिल्ली में ट्रांसफर

दरअसल बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा एक टीवी शो के दौरान पैगम्बर मोहम्मद पर टिप्पणी करने के बाद मुस्लिम संगठनों के निशाने पर आ गई थी. उनके बयान पर देश और विदेश में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ था. इधर देश के करीब 8 राज्यों में नूपुर शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. हालांकि एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी केस दिल्ली में ट्रांसफर करने का आदेश दिया था. 

Trending news