BBC Documentary: JNU में BBC Documentary की स्क्रीनिंग को लेकर बढ़ा विवाद, अंधेरे में हुई पत्थरबाजी
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BBC Documentary: JNU में BBC Documentary की स्क्रीनिंग को लेकर बढ़ा विवाद, अंधेरे में हुई पत्थरबाजी

BBC Documentary: BBC द्वारा PM नरेंद्र मोदी के ऊपर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' की स्क्रीनिंग को लेकर JNU में हंगामा हो गया, इस दौरान कई छात्रों पर पथराव भी किया गया. 

 

 

BBC Documentary: JNU में BBC Documentary की स्क्रीनिंग को लेकर बढ़ा विवाद, अंधेरे में हुई पत्थरबाजी

BBC Documentary: हमेशा किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहने वाली जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में एक बार फिर नया विवाद शुरू हो गया है. ताजा विवाद BBC की डॉक्यूमेंट्री को लेकर है. जेएनयू छात्र संघ (JNSU) द्वारा आज रात 9 बजे PM नरेंद्र मोदी के ऊपर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की जानी थी,जिसको लेकर JNU प्रशासन ने साफ इनकार कर दिया था. बावजूद इसके छात्र स्क्रीनिंग के लिए इकट्ठा हुए और जमकर हंगामा किया, इस दौरान पथराव की भी खबर आई है. 

क्या है पूरा मामला 
हाल ही में BBC द्वारा PM नरेंद्र मोदी के ऊपर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' को लेकर काफी विवाद हो रहा है, जिसकी वजह से इसे देश में बैन कर दिया गया है. आज JNU में जेएनयू छात्र संघ (JNSU) द्वारा 9 बजे PM नरेंद्र मोदी के ऊपर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का आयोजन किया जाना था, लेकिन JNU प्रशासन द्वारा इसकी अनुमति नहीं दी गई थी.साथ ही प्रशासन ने ये भी निर्देश दिए थे कि अगर कोई डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करता है तो उस पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा.

रात 9 बजे डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के समय निर्धारित किया गया था, जिसके पहले ही कैंपस में लाइट चली गई. आयोजक छात्रों का आरोप है कि प्रशासन के द्वारा लाइट बंद की गई है.लाइट बंद होने के बाद भी JNU की प्रेसिडेंट आईसी घोष ने सभी छात्रों को संबोधित करते हुए पहले तो मौजूदा सरकार के खिलाफ जमकर खरी-खोटी सुनाई. उसके बाद कहा कि प्रशासन ने भले ही लाइट काट दी हो और वह प्रोजेक्टर स्क्रीन पर इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग नहीं कर सकते. बावजूद इसके वो फोन और लैपटॉप पर इसे देखेंगे. इस दौरान डॉक्यूमेंट्री देखने के लिए सभी छात्रों को QR Code बांटे गए.

स्क्रीनिंग वाली जगह पर ना तो लाइट थी और ना ही इंटरनेट चल रहा था, जिसकी वजह से खबर लिखे जाने तक स्क्रीनिंग नहीं हो पाई. इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्क्रीनिंग वाली जगह पर JNU प्रशासन के साथ ही दिल्ली पुलिस के कई जवान और अधिकारी सिविल ड्रेस में मौजूद रहे. हालांकि अभी तक इस विवाद में किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. 

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