Delhi News: आज हर एक व्यक्ति अपनी किसी न किसी समस्या से जूझ रहा है. समस्या का समाधान किसी भी तरीके से न होने  के चलते ज्यादातर लोग डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं. कुछ लोग अंधविश्वास पर विश्वास करके गलत राह पर भटक जाते हैं. ऐसे लोगों को जागरूक करने और उनकी समस्या का हल निकालने के लिए उत्तरी दिल्ली के रूप नगर इलाके में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ज्योतिषी मेला लगाया गया, जिसने दर्जन ज्योतिषी पहुंचे और सैकड़ों लोगों की समस्या का समाधान डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से घरेलू उपचार ज्योतिषियों से जानी. ज्योतिष्यों का कहना अंधविश्वास में भटक रहे लोगों को सही राह दिखाना ज्योतिषियों का मकसद है.


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आज भारत एक डिजिटल भारत हो चुका है. हर समस्या का समाधान डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवा पीढ़ी जानने की कोशिश कर करती है, लेकिन कहीं न कहीं इस डिजिटल भारत की युवा पीढ़ी पौराणिक कथाएं व धार्मिक ग्रंथों में लिखे हुए घरेलू उपचार न करते हुए अपने ऊपर आई समस्या का समाधान ऑनलाइन इंटरनेट के माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं. आज ज्यादातर युवा हिंदी और संस्कृत भाषा का अध्ययन बहुत कम करते हैं तो इसलिए ज्यादातर युवाओं को ज्योतिष के बारे में भी अधिक जानकारियां नही होती हैं.


कुछ लोग ज्योतिष को भी अंधविश्वास के नजरिए से देखते हैं. वहीं जब लोगों के ऊपर किसी प्रकार की कोई भी बड़ी समस्या आती है तो कुछ लोग अंधविश्वास के चंगुल में फंस के गलत राह पर निकल जाते हैं और समस्या का समाधान नहीं निकाल पाते. ऐसे लोगों को सही राह दिखाने के लिए रूपनगर इलाके में हर वर्ष ज्योतिषी मेला लगता है,  जिसमें आए सभी ज्योतिषों का मकसद होता है कि लोगों को अंधविश्वास से हटकर सही राह पर लाएं. वहीं उनके घर में जो समस्याएं होती हैं, उन समस्याओं का समाधान भी घरेलू उपचारों से किस तरीके से हो सकता है और वहीं हर एक दिन कौन से देवी-देवता का होते हैं और हमारे किस नक्षत्र से जुड़ा है. इस ज्योतिषी मेले में ज्योतिषी तमाम आंकड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समस्या से घिरे लोगों को बताते हैं, जिसमें लोगों की समस्या का समाधान भी होता है.


हर वर्ष दिल्ली के रूपनगर इलाके में लगने वाला ज्योतिषी मेले में लोग बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं और समस्या का समाधान करवाने पहुंचते हैं. कुछ ज्योतिषियों ने बताया कि भले ही आज भारत डिजिटल बन गया हो, लेकिन संस्कृत व हिंदी भाषा में लिखे स्लोगन और ज्योतिषों के आंकड़े युवा पीढ़ी नहीं समझ पाती है और जो राह कोई युवाओं को दिखाते हैं. वह उसे राह पर चलते हुए कहीं न कहीं अंधकार अंधविश्वास के अंधकार में भटक जाते हैं. ऐसे युवाओं को ही जागरूक करना ज्योतिषियों का मुख्य उद्देश्य है और समस्या का समाधान भी घरेलू उपचार से इसलिए किया जाता है, ताकि अंधविश्वास के चक्कर में पड़े लोग यह बात जानने की जो पुरानी कथाओं व हिंदू धर्म के ग्रंथों में उपचार लिखे हुए हैं वह कहीं न कहीं अपने ही घर से जुड़े हुए होते हैं.


Input: Nasim Ahmad