Sukhoi-30 News: मध्य प्रदेश (MP) के मुरैना (Moirena) के पास एक सुखोई-30 (Sukhoi-30) और मिराज 2000 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए. इसके बाद मौके पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. इन दोनों विमानों ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी, जहां अभ्यास चल रहा था. इन विमानों के मलबे के नजदीक आग की तेज लपटें देखी गईं. भारतीय वायुसेना में लंबे समय से शामिल सुखोई 30 की ताकत का लोहा आज भी दुनिया मानती है. खासकर बीते कई दशकों में इस फाइटर जेट ने पाकिस्तान और चीन जैसे दुश्मन देशों की सांसे थाम कर रखीं थी. 


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Sukhoi-30 War Power सुखोई 30 की ताकत
रूस का सुखोई-30 एक बेहतरीन लड़ाकू विमान है. लेकिन उसे अलग-अलग देश अपने हिसाब से ढाल लेते हैं. या फिर उसमें बदलाव करवाते हैं, ताकि अपनी भौगोलिक स्थितियों के हिसाब से उनकी तैनाती कर सकें. Sukhoi-30 का निशाना अचूक है जो पलक झपकते ही दुश्मन का खात्मा कर देता है.


Su-30 का कॉन्फिगरेशन
Sukhoi-30 फाइटर जेट्स की लंबाई 72 फीट है. विंगस्पैन 48.3 फीट है. ऊंचाई 20.10 फीट है. सुखोई-30 जहां 17700 KG वजनी है. सुखोई-30 में सैटर्न-एल-31एफएल आफ्टरबर्निंगर टर्बोफैन इंजन है, जो उसे 122.58 किलोन्यूटन की ताकत देते हैं. 


मारक क्षमता
Sukhoi-30 की मारक क्षमता बड़ी अद्भुत है. इसकी अधिकतम रफ्तार 2120 किलोमीटर प्रतिघंटा है. सुखोई-30 सिर्फ 8000 किलोग्राम वजन तक के हथियार उठा सकता है. ज्यादा ऊंचाई पर इसकी रेंज 3000 किलोमीटर है. ये अधिकतम 56800 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. इस फाइटर जेट में 30mm की एक ग्रिजेव-शिपुनोव ऑटोकैनन गन लगी है. जो एक मिनट में 150 राउंड फायर करती है. इन विमानों में 12 हार्ड प्वाइंट्स हैं. यानी जिनमें हथियार लगा सकते हैं. Sukhoi-30 में 3 तरह के रॉकेट्स लगा सकते हैं और इसमें चार तरह की मिसाइल लगा सकते हैं. 9 तरह के बम लगा सकते हैं. 


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