Akshay Kumar 'OMG 2':  बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म OMG2 को लेकर काफी सुर्खियों में हैं. आज ही इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया है. जिसपर लोगों की मिलीजुली प्रक्रिया देखने को मिल रही है. फिल्म के कुछ सीन को लेकर विवाद की स्थिति भी बनी हुई है. जिसके चलते सेंसर बोर्ड (Central Board of Film Certification) ने A यानी एडल्ट सर्टिफिकेट दिया है. बता दें कि ये सर्टिफिकेट उन फिल्मों को दिया जाता है, जो अश्लीलता की श्रेणी में आती है. इसे सिर्फ 18 साल या उससे अधिक उम्र वाले ही व्यक्ति देख सकते हैं.


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बता दें कि जिस फिल्म में अक्षय कुमार को शिव का दास बताया जा रहा है, उस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने A सर्टिफिकेट देकर डर्टी पिक्चर, जिस्म 2 जैसी फिल्मों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है. अक्षय कुमार के 12 साल के करियर में ये पहली फिल्म है जिसे एडल्ट सर्टिफिकेट मिला है. अब देखा जाए तो ये फिल्म मेकर्स के लिए किसी सदमे से कम नहीं होगा. क्योंकि जिस फिल्म को धर्म के नाम पर परोसा जाना था, वो अश्लीलता की श्रेणी में आ खड़ी हुई है. खैर ये किस लिए हुआ है, अब इसका कारण भी जान लीजिए.


गौरतलब है कि 650 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से बनी आदिपुरुष के मामले में अपनी भद्द पिटवा चुका सेंसर बोर्ड अब फूंक-फूंक कर कर कदम रख रहा है. ये ही वजह है कि सेंसर बोर्ड ओह माय गॉड 2 के मामले में किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरतना चाह रहा. सेंसर बोर्ड ने जितने कट और बदलाव के सुझाव फिल्म को दिए है, उससे पूरी फिल्म प्रभावित होते हुए नजर आ रही है.



सेंसर बोर्ड ने क्या बदलाव किए?
बताया जा रहा है कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 25 बदलाव किए हैं.  फिल्म में तमाम कट और बदलाव के बाद उसकी कुल लंबाई अब 2 घंटे 36 रह गई है. कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेंसर बोर्ड की सबसे पहले कैंची अभिनेता अक्षय कुमार के किरदार पर ही चली है. इस फिल्म में पहले अक्षय कुमार को भगवान शिव का अवतार बताया गया था, लेकिन अब शिव का दूत बताया जा रहा है. कई आपत्तिनजक दृश्यों और संवादों को भी बदला जा रहा है. इसके साथ ही फिल्म को उज्जैन में आधारित बताया गया था, लेकिन अब उसे एक काल्पनिक जगह कर दिया गया है. हालांकि अब इसमें कितनी सच्चाई है ये 11 अगस्त 2023 को जब फिल्म सिनेमाघर में रिलीज होगी तब ही पता चलेगी. 


जानिए फिल्म को मिलने वाले सर्टिफिकेट के बारे में...
सेंसर बोर्ड की ओर मिलने वाले को U, UA, S, A सर्टिफिकेट दिए जाते हैं. इसमें U सर्टिफिकेट का मतलब है कि इसे बिना किसी रोक-टोक के कोई भी देख सकता है. UA का मतलब फिल्म को 12 साल से ऊपर के बच्चे परिवार के साथ देख सकते हैं. A सर्टिफिकेट का मतलब इस फिल्म को सिर्फ 18 साल से ऊपर के बच्चे ही देख सकते हैं.  S सर्टिफिकेट मिलने वाली फिल्म को खास वर्ग के लोग देख सकते हैं.