Bhopal Vedic Cricket: राजधानी में वैदिक क्रिकेट! धोती कुर्ते में उतरे खिलाड़ी, संस्कृत में हुई शानदार कॉमेंट्री
Vedic Cricket Maharishi Cup Tournament Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अनूठे महर्षि कप टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा है. इसमें संस्कृत विद्यार्थी, कर्मकांडी ब्राह्मण और भग्वताचार्य अपने धोती कुर्ते वाले (Players In Dhoti Kurta) ड्रेस में ही शामिल हो रहे है. खास बात ये की इसमें कॉमेंट्री संस्कृत (Sanskrit Commentary) में की जा रही है और खिलाड़ियों का ड्रेस कोड धोती कुर्ता हैं.
Bhopal Vedic Cricket Sanskrit Commentary: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों एक शानदार क्रिकेट प्रतियोगिता चल रही है. इसे लोग वैदिक क्रिकेट तक कह रहे हैं. दरअसल इस प्रतियोगिता का नाम महर्षि कप टूर्नामेंट (Maharishi Cup Tournament) है और इसमें खिलाड़ी पारंपरिक धोती कुर्ते में (Players In Dhoti Kurta)मौदान फतह करने के लिए उतरते हैं. सबसे खास बात ये की इसमें कॉमेंट्री संस्कृत में की जा रही है. ये प्रतियोंगिता इन दिनों मीडिया में छाई हुआ है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी है.
और क्या खास है इस प्रतियोगिता में?
बुधवार को सुबह 11 बजे के आसपास शुरू हुई इस प्रतियोगिता का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई. इस पूरे आयोजन के दौरान कॉमेंट्री भी संस्कृत में की गई. इसके बाद धोती और कुर्ता पहनकर खिलाड़ियों ने अपना जोर दिखाना शुरू कर दिया. धोती और कुर्ता पहने खिलाड़ियों को संस्कृत कॉमेंट्री के बीच रनों को लिए दौड़ लगाते देख दर्शकों ने खूब तालिया बजाई.
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12 टीमें लें रही हैं हिस्सा
ये अनोखे क्रिकेट टूर्नामेंट 6 जनवरी तक लना है. इसमें भोपाल के आसपास के जिलों भोपाल, उज्जैन, सीहोर, रायसेन के साथ-साथ मध्य प्रदेश की कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया है. इसमें जीत हासिल करने वाली टीम को 21 हजार रुपये के इनाम के साथ ट्रॉफी और उप विजेता को 11 हजार रुपये और ट्रॉफी दी जाएगी. वहीं तीसरे नंबर पर रहने वाली टीम को 5100 रुपये का नगद इनाम दिया जाएगा.
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आयोजन का तीसरा साल
महर्षि कप टूर्नामेंट के आयोजन से जुड़े लोगों ने बाताया कि वो इस आयोजन को दो साल से कर रहे हैं. पहले इसका रूप काफी छोटा था. अब इसी धीरे-धीरे विस्तार दिया जा रहा है. इस साल आयोजकों ने तय किया कि वो इसे राज्य स्तर पर करें और इसमें शामिल होने के लिए संस्कृत विद्यालयों के बच्चे के अलावा कर्मकांडी ब्राह्मण और भग्वताचार्यों को भी शामिल करेंगे. उनका प्रयास सफल हुआ और आयोजन कुछ ऐसी ही हो सकता.
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