MP Weather: आज 30 जिलों में बारिश का अलर्ट, कई जगह गिर सकते हैं ओले, 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
Weather Update: मध्य प्रदेश में सोमवार को एक बार फिर बारिश, ओले और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग की मानें तो 30 जिलों में बारिश हो सकती है. इसके अलावा कई जगह ओले भी गिरने की संभावना जताई गई है.
Madhya Pradesh Weather News: मध्य प्रदेश में लगातार चौथे दिन बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेश के करीब 30 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होगी. मौसम विभाग ने इसको लेकर अलर्ट जारी किया है. वहीं प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार जताए गए हैं. अलीराजपुर, धार, मुरैना, शिवपुरी, रीवा, डिंडोरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, दमोह, पांढुर्णा, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर टीकमगढ़, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, सतना, निवाड़ी, ग्वालियर और शहडोल संभाग कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. कई जगह ओलावृष्टि भी हो सकती है.
पिछले 4 दिन से मध्य प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में बारिश, ओले और आंधी ने तबाही मचा दी. बेमौसम बरसात ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. ओले गिरने से हजारों किसानों की गेहूं-चने की फसल समेत रबी की फसल बर्बाद हो गई. हालांकि, सरकार ने सर्वे कराने के बाद मुआवजा देने की बात कही है. रविवार को भी दतिया, छतरपुर, रीवा, चित्रकूट समेत कई इलाकों में ओले गिरे. रीवा, सतना और सीधी में भी हल्की बारिश हुई.
लगातार बारिश से बढ़ी ठंड
प्रदेश में पिछले 4-5 दिनों से होर रही बारिश ने एक बार फिर से ठंड बढ़ा दी है. सोमवार सुबह कई इलाकों में कोहरा छाया रहा. कई शहरों में विजिबिलिटी बेहद कम रह गई. सड़कों पर चालक दिन में भी लाइट जलाकर वाहन चलाते हुए दिखाई दिए. बारिश और ओलावृष्टि के बाद कोहरे की दस्तक ने ठिठुरन एक बार फिर बढ़ा दी है.
किसानों को नुकसान
बेमौसम हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है. तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के चलते किसानों की परेशानी बढ़ गई. ग्रामीण इलाकों में हुई बारिश के बाद किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और चने की फसलों पर संकट खड़ा हो गया. श्योपुर के विजयपुर और कराहल के कुछ गांव में बारिश के साथ आसमान से गिरे ओले की वजह से फसल जमीन में बिछ जाने से किसानों को काफी नुकसान हुआ. फसल को देखकर परेशान अन्नदाता फसल के नुकसान को लेकर सरकार से मदद की गुहार लगाकर जल्द ही फसलों के नुकसान का सर्वे कराते हुए मुआवजे की उम्मीद कर रहे हैं.
रिपोर्ट: आकाश द्विवेदी, भोपाल