जबलपुर: मध्य प्रदेश सरकार और शराब ठेकेदार के बीच जारी विवाद को लेकर आज जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. शराब ठेकेदारों की याचिकाओं पर सरकार ने HC में आश्वासन दिया कि 2 जून तक ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं होगी. वहीं हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक सरकार और शराब ठेकेदार समन्वय बनाए.


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ठेकेदारों पर ध्यान नहीं देती सरकार
जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान शराब ठेकेदारों ने दलील दी कि ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया. हम सरकार की नई संशोधित नीति को मानने को तैयार नहीं है.


शराब ठेकेदारों को अंतरिम राहत
वहीं हाईकोर्ट ने शराब ठेकेदारों को अंतरिम राहत देते हुए कहा कि अगली सुनवाई से पहले आबकारी विभाग ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकता. 6 मई से पहले औऱ बाद में जितने भी शराब सम्बन्धी प्रकरण थे उन्हें एक साथ हाईकोर्ट ने सुना है. 2 जून को मामले की अगली सुनवाई होगी.


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सरकार ने अपनाया था सख्त रुख
आपको बता दें कि शराब की दुकान नहीं खोलने पर सरकार अब सख्ती के मूड में आ गई है. सरकार ने तय किया है कि यदि शराब ठेकेदार 27 मई तक जरूरी जमा शुल्क जमा नहीं करते हैं और दुकान नहीं खोलते हैं तो उनके लाइसेंस फीस को जब्त कर लिया जाएगा. राज्य सरकार ने शराब ठेकेदारों को दुकानें खोलने को लेकर 27 मई तक का अल्टीमेटम दिया है.


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