PAFF Ban: भारत सरकार ने पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है. गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी की, जिसके मुताबिक, गैरकानूनी गतिविधिय (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत इस संगठन को बैन किया गया है. इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के रहने वाले अरबाज अहमद मीर को आतंकवादी घोषित कर दिया है. ये फिलहाल पाकिस्तान में रह रहा है और लश्कर-ए-तैयबा के साथ आतंकवादी गतिविधियों में लिप्‍त है. सरकार ने इससे पहले 5 जनवरी को ही लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को बैन किया था. जानिए क्‍याहै पूरा मामला.    


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जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है ये संगठन 



आपको बता दें कि PAFF एक आतंकवादी संगठन है, जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय रूप से काम कर रहा है. वहां के युवाओं को भर्ती कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ा है. जैश-ए-मोहम्मद पर सरकार पहले से ही प्रतिबंध लगा चुकी है. PAFF ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सैन्य शिविर में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी. वहां पर चार सैनिक मारे गए थे. वहीं इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को भी मार गिराया था. 


PAFF का है अलकायदा से संबंध


आतंक की फैक्टरी कहलाने वाला 'अलकायदा', दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी समूह है. ये संगठन आज के समय में काफी एक्टिव है और इसके पास धन की भी कमी नहीं है. PAFF ने कश्मीर में होने वाली जी-20 बैठक के आयोजन पर भी धमकी दी थी. आपको बता दें कि PAFF, गजवत-उल-हिंद के मारे गए कमांडर जाकिर मूसा से प्रेरित है और ये वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा को सपोर्ट करते हैं. 


TRF पर भी लगा बैन 


भारत सरकार आतंकवादी समूहों पर रोजाना कड़े एक्‍शन ले रही है. 5 जनवरी को ही गृह मंत्रालय ने आतंकवादी समूह द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को बैन किया था. TRF, प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा है. मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना में बताया गया था कि TRF के कमांडर शेख सज्जाद गुल को भी UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है.   


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