नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तकनीकी विशेषज्ञता वाली संस्था गूगल और टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनियों के साथ किये गए करार से जल्द ही किसी भी दुर्घटनास्थल पर एंबुलेंस को ज्यादा सटीकता से बुलाना अब और आसान हो जाएगा. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नई सुविधा के तहत कोई भी व्यक्ति घटनास्थल की सटीक जानकारी दिये बगैर बिना इंटरनेट वाले अपने फोन की मदद से केंद्र संचालित 108 नंबर पर आपात एंबुलेंस सेवाओं को घटना की सूचना दे सकता है. इससे एंबुलेंस स्थान के बारे में सूचना के बगैर भी घटनास्थल पर पहुंच जाएगी.


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यह सेवा दोहरी तकनीक- सेल टाउन ट्राएंगुलेशन और गूगल इमरजेंसी लोकेशन सर्विसेज से संचालित होगी. सेल टाउन ट्राएंगुलेशन जहां स्थान के बारे में टेलीकॉम ऑपरेटर से मिली जानकारी का इस्तेमाल करता है. वहीं, गूगल ईएसएल जगह का ज्यादा सटीकता से पता लगाने के लिये जीपीएस का इस्तेमाल करता है.


अधिकारी ने बताया, ''दुर्घटनास्थल तक 108 एंबुलेंस सेवा को सटीकता से पहुंचाने के लिये दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा. यह अपनी तरह की अनूठी पहल है क्योंकि इसमें नागरिकों की मदद के लिये इंटरनेट या एप के इस्तेमाल के बगैर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है.'' यह विचार 2015 बैच के आईएएस अधिकारी अभिजीत कपलिश का है जो इस समय मनसा में उपसंभागीय मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हैं.


(इनपुट भाषा से)