Barmer: बाड़मेर जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सड़क सुरक्षा सप्ताह का मंगलवार को भगवान महावीर टाउन हॉल में समापन समारोह हुआ. 'परवाह करेंगे सुरक्षित रहेंगे' के संकल्प के साथ यह समाप्त हुआ.


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इस अवसर पर राजस्थान गोसेवा आयोग अध्यक्ष मेवाराम जैन ने लापरवाही से सड़क हादसों में हुई वृद्धि पर चिन्ता जाहिर करते हुए सड़क सुरक्षा नियम के पालना की बात कही औरउन्होंने कहा कि लापरवाही से वाहन चलाने पर स्वयं के साथ दूसरों की जान को भी जोखिम में डाल देते हैं. हमें वाहन चलाते समय अपने परिवारजनों का ध्यान रखते हुए यातायात के नियमों की पालना कर वाहन चलाना चाहिए और यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है.


इस दौरान जिला कलेक्टर लोकबंधु ने बताया कि परिवहन के साधनों में वृद्धि के कारण यातायात की समस्या निरंतर बढ़ रही है तथा हमें सड़क यातायात नियमों को ध्यान में रखते हुए वाहन चलाना चाहिए. सड़क पर चलने वाले सभी लोगों को नियमों की पालना करना आवश्यक है. जिला कलेक्टर ने रोको और टोंको के साथ नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने की बात कही. साथ ही दुर्घटना से बचने में सीट बेल्ट और हेलमेट की महत्ता को भी बताया.


इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया कि जिस दिन व्यक्ति खुद की जान बचाने के लिए यातायात के नियमों की पालना करने लगेगा तो चालान स्वतः ही बंद हो जाएंगे. उन्होंने बताया कि यातायात के नियमों की पालना कर हम सड़क दुर्घटना से बच सकते हैं. उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वह अपने परिवारजनों को शपथ दिलाये की वे सड़क पर वाहन चलाते समय सभी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे. साथ ही बताया कि पुलिस प्रशासन के द्वारा पुलिस पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसके माध्यम से वे सड़क सुरक्षा, साइबर क्राइम एवं महिला सशक्तिकरण के संबंध में लोगों को जागरूक कर रहे हैं.


इस अवसर पर जिला परिवहन अधिकारी ओम प्रकाश चौधरी ने सड़क सुरक्षा सप्ताह में किए गए कार्यों का विस्तार पूर्वक वर्णन किया. वही पुलिस उपाधीक्षक राजीव परिहार ने कहा कि जागरूकता के साथ स्वयं का अनुशासित होना अति आवश्यक है जिससे हम सड़क दुर्घटनाओं में कमी ला सकते हैं.


कार्यक्रम के दौरान प्रेमसिंह निर्मोही के द्वारा सड़क सुरक्षा के संबंध में नाटिका के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाने एवं सड़क नियमों के पालना के संबंध में जागरूक किया गया. इससे पूर्व राजस्थान गोसेवा आयोग अध्यक्ष मेवाराम जैन को जिला परिवहन अधिकारी ओम प्रकाश चौधरी, जिला कलेक्टर लोकबंधु का जिला पुलिस उपाध्यक्ष राजीव परिहार, जिला पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव का स्वागत सीएसआर हेड हरमीत सेहरा तथा वेदांता कैन आयल एंड गैस सीएसआर हेड हरमीत सेहरा का स्वागत परिवहन निरीक्षक बगताराम के द्वारा बुके भेंट कर किया गया.


ये हुए सम्मानित


32वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए राजस्थान गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष मेवाराम जैन, जिला कलेक्टर लोकबंधु और जिला पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव के द्वारा वेदांता केयर्न ऑयल एंड गैस सीएसआर हेड हरमीत सेहरा, नवरचना महिला विकास ट्रस्ट से लोकेश उपाध्याय, महिला मंडल बाड़मेर आगोर के सिद्धिक खान, एमबीसी गर्ल कॉलेज के प्राचार्य हुकमाराम, बीएसएफ से तुलेंद्र कुमार तुल, भोसले आनंद, प्रवीण कुमार, अरविंद कुमार यादव, मुजम्मिल, वेदांता केयर्न आयल एंड गैस मैनेजर रोड सेफ्टी टीम विमल शाह, राहुल शर्मा, लच्छाराम चौधरी, रमाया नायर, प्रांजल खरे, मगाराम सारण, नागरिक सुरक्षा विभाग के ओमप्रकाश, यातायात पुलिस से एएसआई हनुवंतसिंह, जिला परिवहन कार्यालय वरिष्ठ सहायक भूराराम, यातायात पुलिस से गिरधरसिंह को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया.


इसके अलावा 32वां सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित की गई प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया. जिसमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुआ नंबर 3 में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता ज्योति डाभी, गोपाल और रोशनी को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. 


राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम स्टेशन रोड बाड़मेर में आयोजित हुई निबंध प्रतियोगिता में विजेता जोगाराम, अचलाराम एवं कुलदीपसिंह को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. इसके साथ राजकीय महिला महाविद्यालय बाड़मेर में आयोजित हुई सड़क सुरक्षा संबंधी प्रश्नोत्तरी में विजेता प्रतिभागियों दीपिका, जिज्ञासा जांगिड़, अनुष्का डाबी और जानवी जांगिड़ को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. इस दौरान कार्यक्रम का संचालन हरीश सुथार के द्वारा किया गया. कार्यक्रम के अन्त में नागरिक सुरक्षा विभाग के द्वारा दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को सीपीआर देने का प्रशिक्षण दिया गया जिससे घटना स्थल पर लोगों की जान बचाई जा सकें.