Dholpur news :मानसून की विदा लेते ही तापमान में आए उतार-चढ़ाव के बीच लगातार मौसमी बीमारियां बढ़ रही है. ऐसे में शहर के अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए बेडो की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. वहीं शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू,मलेरिया,उल्टी-दस्त,सर्दी,जुकाम बुखार,खांसी आदि बीमारियां के रोगी निकलकर सामने आ रहे है.जिनमें सबसे अधिक खतरा डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों से महसूस हो रहा है. क्योंकि इन घातक रोगों को रोकने को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमा द्वारा पूर्व में कोई इंतजाम नहीं किया गया,ना ही मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया.


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अस्पताल का ओपीडी पहुचा 1500 के पास


अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मौसमी बीमारियों के प्रकोप के चलते अस्पताल का ओपीडी बढ़कर 1500 के करीब पहुंच गया है. भर्ती मरीजों को लेकर स्थिति यह है कि अस्पताल में कुल मिलाकर करीब डेढ़ सौ बेड है.जिनमें जच्चा वार्ड,शिशु वार्ड और जनरल वार्ड शामिल है लेकिन प्रतिदिन भर्ती मरीजों की संख्या 400 के ऊपर चल रही है. ऐसे में एक बेड पर तीन से अधिक मरीजों को रखकर उपचार देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. मरीज भी व्यवस्थाओं को लेकर नाखुश है लेकिन उपचार कराने को लेकर मजबूर हैं.


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शिशु वार्ड में भी स्थिति बदतर,एक बेड पर तीन से चार बच्चे भर्ती


अस्पताल की शिशु वार्ड के भी हालत खराब है. एक बेड पर तीन से चार बच्चों को भर्ती कर उपचार देने के लिए नर्सिंग कर्मियों को मजबूर होना पड़ रहा है. शिशु वार्ड के प्रभारी नर्सिंग अधिकारी पवन राघव ने बताया कि लगातार छोटे बच्चों की संख्या बढ़ती चली जा रही है। ऐसे में केवल 20 बेड पर 70 बच्चे भर्ती है.


आमजन रहे सचेत,रुके हुए पानी को नष्ट करना जरूरी :


अस्पताल की PMO  डॉ हरकिशन मंगल का कहना है कि मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए आमजन का सचेत होना जरूरी है. जहां पानी रुका हुआ है उसे तुरंत नष्ट किया जाए.हालांकि चिकित्सा महकमा कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करता है लेकिन आमजन का सहयोग करने से जल्द बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है