Jaipur News : राजस्थान पुलिस अकादमी में बुधवार सुबह आरपीएस प्रोबेशनर बैच संख्या 53 का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ. दीक्षांत समारोह में आरपीएस प्रोबेशनर की पासिंग आउट परेड और शपथ के बाद राजस्थान पुलिस को नए आरपीएस अधिकारी मिल गए. दीक्षांत परेड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरपीएस प्रोबेशनर बैच की परेड की सलामी ली. नफरी की कमीं झेल रही प्रदेश पुलिस को बुधवार को नए आरपीएस अधिकारी मिल गए. आरपीए में आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने परेड की सलामी ली. इस दौरान आरपीए निदेशक राजीव शर्मा ने अपना प्रशिक्षण पूरा कर चुके प्रोबेशनर आरपीएस को शपथ भी दिलाई. दीक्षांत परेड में 13 महिला प्रोबेशनर आरपीएस सहित कुल 35 प्रोबेशनर आरपीएस शामिल हुए.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

कार्यक्रम में राजस्थान डीजीपी उमेश मिश्रा और राजस्थान पुलिस अकादमी में निदेशक राजीव शर्मा के साथ ही पुलिस महकमे के आला अधिकारी भी मौजूद रहे. इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान के काम की सराहना करते हुए उन्हें साप्ताहिक अवकाश देने की दिशा में काम करने की बात कही. साथ ही उन्होंने सेंट्रल बैण्ड की तर्ज पर महिला सेंट्रल बैण्ड बनाने और पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण देने वाली पुलिस अकादमियों और प्रशिक्षकों को अवार्ड देने की भी घोषणा की.


दीक्षांत समारोह के दौरान प्रशिक्षण पूरा कर चुके प्रोबेशनर आरपीएस का जोश देखने लायक रहा. समारोह में प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रोबेशनर आरपीएस को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ने प्रशंसनीय पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डीजीपी उमेश मिश्रा ने प्रोबेशनर आरपीएस अधिकारियों को पुलिस बेडे में शामिल होने के लिए शुभकामनाएं दी. डीजीपी उमेश मिश्रा ने कहा कि राजस्थान पुलिस अपराधों की रोकथाम को लेकर बेहतर काम कर रही है. कोरोना काल में भी राजस्थान पुलिस के काम को सराहा गया है. उन्होंने संगठित्म अपराधों के खिलाफ राजस्थान पुलिस की ओर से कड़ी कार्रवई का भी संदेश दिया. वहीं आरपीए निदेशक राजीव शर्मा ने भी प्रशिक्षण पूरा कर चुके प्रोबेशनर आरपीएस अधिकारियों को बधाई देते हुए प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों को भी धन्यावाद ज्ञापित किया.


प्रदेश में नफरी से जूझ रहे पुलिस महकमे को 35 नए आरपीएस अधिकारी और मिल गए है. इस बैच में शामिल आरपीएस अधिकारियों को वक्त के साथ बदलते अपराधों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि इन पुलिसकर्मियों की नियुक्ति के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ ही अपराधों पर काफी हद तक लगाम लग सकेगी.


ये भी पढ़ें..


देश का पहला राज्य बना राजस्थान, विधानसभा में एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल पारित, अब वकीलों से भिड़ना पड़ेगा महंगा


Rajasthan के BJP सांसदों की दिल्ली में बड़ी बैठक, आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर हुआ महामंथन, घेराव की तैयारी