Corona news: पिछली सरकार के समय कोरोना की दूसरी लहर में अस्थाई तौर पर निकाली गई भर्ती के अभ्यर्थी अब नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं. अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने बताया, पिछली सरकार प्रदेश की जनता से किए हुए वादों से मुंह मोड़ लिया.


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कोरोना की दूसरी लहर के समय पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य सेवा में भर्ती निकाली गई थी. जिसमें नर्सिंग अधिकारी, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर, दंत सहायक, नेत्र सहायक, ईसीजी सहायक सहित अन्य पदों के लिए सरकार ने भर्ती निकाली थी. उस समय पैरामेडिकल के 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने सरकार का साथ दिया था. सरकार ने भी इन पैरामेडिकल स्टाफ का साथ देते हुए विभागीय भर्ती में इनको समायोजित करने के लिए आदेश निकाले.


इस साल के मई महीने में सरकार ने पैरामेडिकल स्टाफ के लिए भर्तियां निकाली, जिसमे कोरोना के समय काम करने वाले पैरामेडिकल स्टूडेंट को वरीयता दी गई. इन सब पैरामेडिकल विद्यार्थियों ने डॉक्यूमेंट वेरीफाई, मेरिट लिस्ट सहित अन्य औपचारिकताओं को पूरा करा किया गया लेकिन, पिछली सरकार ने पदस्थापना सूची नहीं की. इसी कारण इस दौरान प्रदेश में आचार संहिता लग गई.


आचार संहिता हटने के बाद पैरामेडिकल स्टाफ स्वास्थ्य भवन सहित सीफू के चक्कर लगाकर परेशान हो चुका है, लेकिन अधिकारी कोई संतुष्टि को जवाब नहीं दे रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि जल्दी ही कैलेंडर जारी कर इन सभी अभ्यर्थियों की पोस्टिंग निकाली जाएगी. अभी तक विभाग ने कोई भी कैलेंडर जारी नहीं कर है जिससे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.


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