RSSB use new technology AI tools News : राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं ( Rajasthan recruitment examinations) में नकलची गिरोह और डमी अभ्यर्थियों के लिए बुरी खबर है. अब राजस्थान में नकल गिरोह की सामत आने वाली है.


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राजस्थान में नकल रोकने के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (Rajasthan Staff Selection Board) अब आधुनिक तकनीक का अपनाने जा रही है.अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट बोर्ड (OMR Sheet Borad) आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की मदद लेगा.


अब राजस्थान में नकल गिरोह की सामत आएगी


इसके लिए अब बोर्ड AI टूल्स का इस्तेमाल करेगी. बता दें कि यह प्रयोग महाराष्ट्र में सफल साबित हुआ है.राजस्थान कर्मचारी चयन की टीम पिछले कई दिनों से इस नवाचार पर विशेष रूप से अध्ययन कर रही थी.


बोर्ड AI टूल्स का इस्तेमाल करेगी


 इतना ही नहीं, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट ट्रायल के तौर पर जांची भी गई है. इस सफल प्रयोग के बाद अब बोर्ड ने इस प्रक्रिया को  लागू कर अपनाने जा रही है. नए साल यानि 2024 में होने वाली भर्तियों में इस तकनीक AI टूल्स को अपनाया जाएगा. एआई से ओएमआर शीट जांच के दौरान कोई अभ्यर्थी दोषी पाया जाता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई चयन बोर्ड करेगी.



इस तरह पकड़ेंगे जाएंगे नकल


एआई (AI) के जरिए ओएमआर (OMR) शीट की जांच के बाद यह पता लगेगा कि हर परीक्षा केंद्र पर प्रत्येक अभ्यर्थी और जिलों में परीक्षा केन्द्र का औसत परिणाम (average result) कितना आ रहा है. अगर किसी परीक्षा केंद्र का परिणाम सभी केंद्रों से अधिक है तो इसकी जांच की जाएगी.


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परीक्षा केंद्रों की वीडियोग्राफी की मदद ली जाएगी. परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी सभी प्रश्नों के हल कैसे किए, इसके कारणों का भी पता वीडियोग्राफी की मदद और नई तननीक से पता लगाया जाएगा. अगर किसी भी नकल का मामला सामने आता है तो परीक्षा केंद्र, परीक्षा लेने वाले और अभ्यर्थियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा नए कानून भी ला रही है.



फेस स्कैन होते ही पकड़ेंगे डमी अभ्यर्थी


एग्जाम में डमी अभ्यर्थियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए अधीनस्थ बोर्ड अब भर्ती परीक्षा में बैठने वाले परीक्षार्थियों की फेस या आई स्कैन करेगा.  इसी के साथ अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक एटेंडेंस होगी. इससे अभ्यर्थी का बोर्ड के पास सारे रिकॉर्ड रखे जाएंगे. जब अभ्यर्थी को ज्वॉइनिंग होगी जाएगी तो उस समय फेस मैच किया जाएगा. अगर गलती से फेस मैच नहीं हो पाया तो उस स्थिति में डमी अभ्यर्थियों की पहचान हो जाएगी. इसके बाद उसे ज्वॉइनिंग नहीं मिलेगी.