Jaipur News: इस साल की सबसे बडी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल जीएसटी की इंटेलीजेंस विंग जयपुर ने 1000 करोड रू का फर्जीवाडे का खुलासा किया है. दिल्ली के आशुतोष और सोनीपत निवासी अनिल कुमार द्वारा फर्जी फर्मो से सेंट्रल जीएसटी और टैक्स चोरी कर फर्जीवाडा किया जा रहा था. सूचना पर सीजीएसटी की इंटेलिजेंस टीम ने गहनता से रैकी कर फर्जीवाडे को पकडते हुए दिल्ली के आशुतोष गर्ग और सोनीपत के अनिल कुमार को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से सीजीएसटी की इंटेलिजेंस विंग के अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है.


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बिना माल की रसीद के 29 करोड रू की फर्जी आईटीसी लेने का मामला. आरोपी आशुतोष गर्ग सोनीपत और दिल्ली से कुछ फर्जी फर्मो से आईटीसी का लाभ उठाने के लिए जयपुर की एक लाभार्थी फर्मे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. इस लाभार्थी फर्म जांच करने पर पुरानी दिल्ली के खारी बावली इलाके में कुछ कंपनिया संदिग्ध दिखाई दी क्योंकि अनजान लोगों के नाम से समान पते और ई—मेल आईडी का उपयोग किया जा रहा था. आरोपी आशुतोष गर्ग के अकाउंटेंट और लैपटॉप की फोरेंसिंक जांच की तो 300 से अधिक फर्मो द्वारा फर्जी आईटीसी की राशि हस्तांतरित की गई थी जो कि सेंट्रल जीएसटी के बिना 1055 करोड रू का फर्जीवाडा किया जा रहा था.


आरोपी आशुतोष गर्ग के व्यावसायिक परिसर की तलाशी ली गई तो बडी संख्या में फर्मो और व्यक्तियों से संबंधित डेटा लैपटॉप में पाया गया. आरोपी सोनीपत निवासी अनिल कुमार द्वारा फर्जी फर्मों के संचालन और बिल जारी करने का प्रबंधन किया गया था. अनिल कुमार द्वारा जारी फर्जी बिलों के लिए दलाल के रूप में भी काम करता था. सीजीएसटी की इंटेलिजेंस विंग ने दोनों आरोपी आशुतोष गर्ग और अनिल कुमार को गिरफ्तार किया गया वहीं इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान 2 करोड से अधिक की राशि जब्त की गई.


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