Kotputli News: राजस्थान के कोटपूतली में विजयदशमी एवं आरएसएस के 98 वे स्थापना दिवश के अवसर पर, पथ संचलन निकाला गया. इस संचलन की शुरूआत  शस्त्र पूजन कर के किया गया. और शहर के आदर्श विधा मंदिर विद्यालय से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस आदर्श विधा मंदिर विद्यालय प्रागण में समापन समापन हुआ. इस पथ संचलन की अनुमति प्रशासन से ली गई थी. 


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आपको बता दें कि पथ संचलन के दौरान पुलिस और जाप्ता तैनात रहा. साथ ही कस्बे के मुख्य मार्गो पर जगह-जगह भाजपा नेताओं सहित कस्बे वासियो ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया. वही विराटनगर के पावटा मे भी स्थापना दिवस पर कस्बे के आदर्श विद्या मंदिर प्रांगण से सैकडों स्वयं सेवकों ने पथ संचलन निकाला. 


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पथ संचलन में स्वयं सेवक पूर्ण गणवेश में कदम से कदम मिला कर घोष की धुन पर चलते नजर आए. इस दौरान प्रागपुरा पुलिस के द्वारा सुरक्षा की  पुख्ता इंतजाम किए गए थे. कस्बे के मुख्य मार्गो से निकल रहे स्वयं सेवकों का कस्बेवासियों व कई संगठनों से जुड़े लोगों ने भारत माता की जय घोष के साथ पुष्पवर्षा कर स्वागत किया. 


इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में जिला संघ चालक पुरूषोत्तम कष्ण मिश्रा अपना उद्बोधन देते हुए कहा, कि आज राष्ट्र को बचाने के लिए सभी स्वयंसेवक को संगठित होने की आवश्यकता है. पहले राष्ट्र उसके बाद कुछ और संघ के स्वयंसेवकों का संस्कार होना चाहिए. उन्होंने समानता और समरसता विचारधारा की विचारधारा को आगे बढ़ाने पर बल दिया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जयराम यादव ने कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण जैसे कार्यो को कर रहा है वह समाज के सामने एक उदाहरण है. 


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जिला संयोजक सामाजिक समरसता मंच जयराम जाट ने कहा कि आदिकाल से ही शक्ति की हम उपासना करते आ रहे हैं. जिस प्रकार माँ दुर्गा ने महिषासुर एवं चण्ड मुण्ड आदि का संहार किया, उसी प्रकार हिन्दू समाज को एक रखने के लिए 27 सितम्बर 1925 को डॉ केशव राव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना की. संघ द्वारा व्यक्ति विकास के लिए प्रात: एवं सांयकाल एक घण्टे के लिए व्यायाम एवं शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाता है. जिसके अन्तर्गत मानव का विकास, अनुशासन, संगठित होने के गुर सिखाये जाते हैं.