Jaipur: प्रदेश में 20 जिलों की 1,656 किलोमीटर लम्बाई की ग्रामीण और अन्य जिला मुख्य जिला सड़कों को राज्य राजमार्गों में क्रमोन्नत किया जाएगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है. गहलोत ने राज्य बजट 2021-22 में प्रदेशभर के दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने वाली ग्रामीण, अन्य जिला और मुख्य जिला सड़कों को राजमार्गों में क्रमोन्नत करने की घोषणा की थी. इस क्रम में संबंधित जिलों से प्रस्ताव प्राप्त कर उन पर विचार और विश्लेषण के बाद कुल 1,712 किलोमीटर से अधिक लम्बाई की सड़कों के क्रमोन्नयन को स्वीकृति दी गई है.


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इसमें बाड़मेर (Barmer News) जिले में 181 किलोमीटर लम्बी दो सड़कें, सवाई माधोपुर और करौली से गुजरने वाली 199 किलोमीटर लम्बी दो सड़कें, टोंक से सवाई माधोपुर होकर करौली जिले तक जाने वाली 158 किलोमीटर लम्बी सड़क नागौर से अजमेर लेकर जयपुर जिले तक जाने वाली 172 किलोमीटर लम्बी सड़क, धौलपुर और करौली से गुजरने वाली 137 किलोमीटर लम्बी सड़क राज्य राजमार्ग घोषित की जाएंगी. 


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उल्लेखनीय है कि दौसा, अलवर और सवाईमाधोपुर से गुजरने वाली 88 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों, भीलवाड़ा से राजसमंद होकर अजमेर जिले तक जाने वाली 75 किलोमीटर लम्बी सड़क, भीलवाड़ा से अजमेर होकर नागौर जिले तक जाने वाली 69 किलोमीटर लम्बी सड़क, कोटा और झालावाड़ से गुजरने वाली 60 किलोमीटर सड़क और बारा से कोटा होकर झालावाड़ जिले तक जाने वाली 49 किलोमीटर लम्बी सड़क को भी राजमार्ग बनाया जाना प्रस्तावित है. 


प्रदेशभर में सहूलियत होगी  
प्रस्ताव के अनुसार, बूंदी जिले में 152 किलोमीटर से अधिक लम्बाई की 21 सड़कों, झालावाड़ में 63 किलोमीटर लम्बी 14 सड़कों, बारा में 73 किलोमीटर लम्बी 5 सड़कों 56 किलोमीटर लम्बी 4 सड़कों, टोंक जिले में 45 किलोमीटर लम्बी 6 सड़कों सहित बीकानेर में 93 किलोमीटर, जोधपुर में 28 किलोमीटर और जयपुर जिले में 15 किलोमीटर लम्बाई की एक-एक सड़क भी राज्य राजमार्ग घोषित की जाएंगी. गहलोत ने बड़ी संख्या में सड़कों को राजमार्ग घोषित करने के इस निर्णय से प्रदेशभर में ग्रामीण आबादी को आवागमन में सहूलियत होगी और आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से लाभ होगा.