Rajasthan Weather : नए साल 2023 में सर्दी ने देशभर में कहर ढाया हुआ है. पहाड़ों से लेकर मैदान तक यहां तक की राजस्थान में भी सर्दी रिकॉर्ड पड़ रही है. माउंटआबू में सर्दी का 28 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है. जहां मकर संक्रांति के बाद सूर्य के उत्तरायण होते ही तापमान में गर्मी आती थी. वहां आज बर्फ जम रही है. राजस्थान के एक मात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में पारा माइनस 7 डिग्री लुढ़का हुआ है.


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इससे पहले साल 1994 में यहां माइनस में तापमान रिकॉर्ड किया गया था. कड़ाके की ठंड के चलते जन जीवन अस्त-व्यस्त है. लोग सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं.


इधर मौसम विशेषज्ञों की माने तो 15 से 17 जनवरी के दौरान बीकानेर, जयपुर, अजमेर, जोधपुर और भरतपुर संभाग के अधिकतर भागों में तीव्र शीतलहर चलने चलेगी. वहीं कई जिलों में पाला भी गिरेगा.


जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक हिमालय से आ रही ठंडी उत्तरी हवाओं की वजह से पिछले 24 घंटों में बीकानेर और जयपुर संभाग के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है. 


राजस्थान में अगले 4 से 5 दिन शीतलहर का दौर जारी रहेगा. वहीं आगामी दिनों में प्रदेश में न्यूनतम तापमान में दो से 4 डिग्री की और गिरावट होने की संभावना है. 


सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
सबसे ज्यादा शीतलहर का असर चूरू, सीकर, हनुमानगढ़, झुंझुनू और आसपास के जिलों में दिखेगा. इन जगहों पर अगले 2 से 3 दिन न्यूनतम तापमान 0 डिग्री या इससे भी नीचे जा सकता है.


यहीं नहीं राजस्थान के बीकानेर संभाग, जोधपुर, अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में अगले तीन-चार दिनों तक शीतलहर और कहीं-कहीं पर अति शीतलहर का दौर जारी रहेगा.


वहीं तीन-चार दिनों तक फसलों पर बर्फ जमने की परिस्थिति यानी पाला पड़ने की परिस्थिति भी दर्ज होने हो सकता है. जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग में पाला पड़ सकता है.


मौसम विभाग की तरफ से किसानों को सलाह दी गई है कि फसल को पाला से बचाव के लिए उपाय करें. 17 और 18 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जिसके बाद 18 जनवरी से शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है. 


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