Pratapgarh Crime: धरियावद वन विभाग की धरियावद रेंज की टीम ने अलसुबह अवैध रूप से गीली खेर लकड़ी का अवैध परिवहन करते एक ट्रक का फिल्मी स्टाइल में 50 किलोमीटर तक पीछा करते हुए ट्रक को पकड़ा. इस दौरान चालक मौके से ट्रक छोड़कर फरार हो गया. 


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विभाग की ओर से पकड़े गए ट्रक को जब्त किया गया. जप्त ट्रक के अंदर करीबन सात टन गीली खेर लकड़ी मिली.  पूरी कार्रवाई के दौरान धरियावद रेंज अधिकारी ने जीप और मेहंदीखेड़ा के दो कार्मिकों ने मोटर साइकिल से पीछा कर पकड़वाने में भूमिका निभाई. 


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सहायक वनपाल पवनकुमार मेघवाल ने बताया कि सुबह 5.30 बजे वन अधिकारी रामलाल भील को एक गीली लकड़ी से भरा खेर का ट्रक धरियावद से मुंगाना की ओर जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद क्षेत्रीय वन अधिकारी ने इसकी सूचना मूंगाणा नाके पर दी, जिसमें ट्रक खूंता से होकर मूंगाना होकर जाने की बात कही गई. सूचना पर वन नाका मूंगाना ने नाकाबंदी करवाई. इसी दौरान एक ट्रक मेहंदी खेड़ा नाके से गुजर रहा था. 


नाके पर तैनात सहायक वनपाल सुनील शर्मा एवं वनरक्षक कैलाश कलाल ने ट्रक को रोकने का इशारा किया लेकिन ट्रक ड्राइवर ने ट्रक को तेज गति से निकालता हुआ चला गया. इसके बाद धरियावद क्षेत्रीय वन अधिकारी रामलाल ने इसकी सूचना पीपलखूंट रेंज को दी, जिन्होंने नाकाबंदी करवाई लेकिन ट्रक चालक ट्रक को नरवाली से बांसवाड़ा रोड पर लेकर निकल गया.


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इस दौरान सहायक वनपाल सुनील शर्मा एवं वनरक्षक कैलाश कलाल मोटर साइकिल पर ट्रक के पीछे लगे रहे. जिनके पीछे साथ धरियावद रेंज अधिकारी रामलाल भील भी वाहन से ट्रक का पीछा करते रहे. पीछा करते समय घाटोल रेंज अधिकारी सूर्यवीरसिंह को भी गीली खेर लकड़ी से भरा ट्रक आने की सूचना दी.  


सूचना के बाद घाटोल रेंज अधिकारी ने भी मार्ग पर नाकाबंदी करवाई. तेज गति से आ रहे ट्रक चालक ने दूर से नाकाबंदी को देखकर ट्रक को बांसवाड़ा-प्रतापगढ़ हाईवे पर मोड़ दिया. इसके बाद धरियावद रेंज की ओर से पीपलखूंट थाने एवं उप वनरक्षक हरिकिशन को भी ट्रक के प्रतापगढ़ की ओर आने की सूचना दी गई. सूचना मिलने के बाद उप वन संरक्षक हरिकिशन के निर्देश पर प्रतापगढ़ जाने वाले सभी मार्गों पर तुरंत नाकाबंदी कर दी गई. 


इस दौरान नाकाबंदी को देखकर ट्रक चालक ने ट्रक को एनएच 56 पर छोडकऱ मौके से फरार हो गया. ट्रक का पीछा कर रही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर एनएच 56 पर वनखंड पूना पठार से पीपलखूंट रेंज लेकर आया. ट्रक का तिरपाल हटाने पर उसके अंदर करीब सात टन खेर की लकड़ी होना पाया गया, जिसके बाद उप वन संरक्षक हरिकिशन के निर्देश पर ट्रक को सीज कर जब्त किया गया. वहीं, पीपलखूंट रेंज अधिकारी रामलाल डामोर ने राजस्थान वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया. 


अवैध रूप से गीली खेर लकड़ी परिवहन करते ट्रक को पकड़वाने में धरियावद वन अधिकारी रामलाल भील के साथ मेहंदीखेड़ा नाका के वन रक्षक कैलाश कलाल एवं सहायक वनपाल सुनील शर्मा की अहम भूमिका रही. दोनों ने मोटर साइकिल से मुश्किल मार्गों के बावजूद हिम्मत दिखाते हुए अंत तक ट्रक के पीछे चलते रहे. इस दौरान करीबन 50 किमी तक की दूरी तय कर फिल्मी स्टाइल में ट्रक को पकड़वाने में भूमिका निभाई.


खेंर की गीली लकड़ी से भरा ट्रक धरियावद से होते हुए पीपलखूंट बाद घाटोल से होकर गुजरा. इस दौरान तीनों रेंज में नाकाबंदी कर ट्रक रुकवाने के प्रयास किए गए थे. तीनों रेंज अधिकारी ने संयुक्त रूप से मिलकर ट्रक को पकड़वाने के लिए नाकाबंदी एवं पीछा कर ट्रक पकड़वाने में सहयोग दिया था.