West Bengal hospital sexual harassment: पश्चिम बंगाल के आरजी कर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के रेप-मर्डर का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि राज्य के 2 अन्य अस्पतालों में यौन उत्पीड़न के मामले सामने आ गए हैं. हावड़ा में एक अस्पताल के कर्मचारी ने टेस्ट के आई 14 वर्षीय लड़की से छेड़छाड़ की कोशिश की, जिसके बाद शिकायत मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं बीरभूम जिले के सरकारी अस्पताल में नर्स से छेड़छाड़ के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है. इन दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद बीजेपी ने ममता सरकार पर जोरदार हमला बोल दिया है और कहा है कि टीएमसी के राज में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. 


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किशोरी से सीटी स्कैन रूम में छेड़छाड़


जानकारी के मुताबिक हावड़ा के अस्पताल में 14 वर्षीय किशोरी के साथ छेड़छाड़ की घटना तब हुई, जब वह परिजनों के साथ अपना सीटी स्कैन करवाने के लिए अस्पताल गई थी. किशोरी का आरोप है कि सीटी रूम में पहुंचने पर वहां मौजूद तकनीशियन ने उसके साथ छेड़छाड़ की, जिससे डरकर वह भाग खड़ी हुई. इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसने तुरंत दबिश देकर आरोपी को मौके से ही अरेस्ट कर लिया. इस मामले में पुलिस में केस दर्ज कर लिया गया और मामले की जांच जारी है. 


ड्यूटी पर तैनात नर्स के साथ यौन उत्पीड़न!


वहीं बीरभूम जिले के एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में तैनात नर्स ने अपने साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया. पीड़िता की शिकायत पर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया. उससे पूछताछ की जा रही है.  इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद बीजेपी को ममता सरकार पर निशाना साधने का एक और मौका मिल गया है. पार्टी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने राज्य में पॉक्सो मामलों और बलात्कार से जुड़े कड़े नियमों को लागू करने के लिए कुछ नहीं किया. 



‘महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्य’


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर अमित मालवीय ने कहा, 'ममता बनर्जी की वजह से पश्चिम बंगाल महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्य बन गया है. उन्होंने बलात्कार और POCSO मामलों में आरोपियों को दंडित करने के लिए कड़े नियम लागू करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के लिए कुछ नहीं किया है. मुख्यमंत्री के तौर पर वह एक बड़ी आपदा हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.'


एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'बीरभूम के एक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स से छेड़छाड़ हुई. शेख अब्बासुद्दीन नाम के एक व्यक्ति ने रात की ड्यूटी के दौरान नर्स के निजी अंगों को जबरदस्ती छुआ. ममता बनर्जी महिलाओं के लिए कार्यस्थलों को सुरक्षित बनाने के बजाय रात में काम करने के लिए नर्स को दोषी ठहराती हैं.  नादिया के कृष्णगंज के भजनघाट में नाबालिग से बलात्कार होता है. मध्यमग्राम में, एक टीएमसी पंचायत सदस्य ने कक्षा दो में पढ़ने वाली नाबालिग से बलात्कार किया. कल रात हावड़ा सदर अस्पताल के सीटी स्कैनर रूम में एक लड़की के साथ यौन शोषण किया गया.' 



'अब बदलाव का समय आ गया है'


ममता सरकार के खिलाफ आलोचनाओं को आगे बढ़ाते हुए बंगाल बीजेपी के नेता अग्निमित्र पॉल ने भी राज्य सरकार पर हमला बोला. उन्होंने एक्स पर पोस्ट लिखकर कहा, 'हावड़ा अस्पताल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई. अस्पताल में काम करने वाला एक स्टाफ सीटी स्कैन रूम में एक नाबालिग लड़की के साथ जघन्य कृत्य करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया.'


टीएमसी सरकार की निंदा करते हुए उन्होंने लिखा, 'यह भयावह घटना पश्चिम बंगाल के अस्पतालों में महिलाओं की सुरक्षा की भयावह स्थिति को दर्शाती है. जब अस्पताल ही सुरक्षित नहीं हैं, तो हमारी बेटियाँ, माताएँ और बहनें कहाँ सुरक्षा पा सकती हैं? ममता बनर्जी की सरकार हर स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा करने में विफल रही है. अब बदलाव का समय आ गया है.'


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