नगर निगम में शामिल 88 नए गांवों पर हाउस टैक्स, सुविधाओं के लिए करनी होगी जेब ढीली

इनमें लखनऊ विकास प्राधिकरण के गोमती नगर एक्सटेंशन, जानकीपुरम एक्सटेंशन, बसंतकुंज, सीजी सिटी और आवास विकास परिषद की अवध विहार, निजी बिल्डर की अंसल एपीआई जैसी बड़ी कॉलोनियां हैं.

नगर निगम में शामिल 88 नए गांवों पर हाउस टैक्स, सुविधाओं के लिए करनी होगी जेब ढीली
सांकेतिक तस्वीर.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सीमा विस्तार के बाद नगर निगम के दायरे में आने वाले 88 नए गांवों पर दिसंबर से ही हाउस टैक्स लगने वाला है. नगर आयुक्त ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए हैं.

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सर्वे कर लगेगा हाउस टैक्स
इस मामले में मुख्य कर निर्धारण अधिकारियों ने सभी जोनल अधिकारियों सर्वे कर हाउस टैक्स लगाने के आदेश दिए हैं. इस दौरान सबसे पहले व्यावसायिक संपत्तियों पर टैक्स लगाया जाएगा. गृहकर का निर्धारण गांव के नजदीकी वॉर्ड की दर के आधार पर किया जाएगा, जो नए गांव नगर निगम में शामिल हुए हैं.

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ये कॉलोनियां हैं शामिल
इनमें लखनऊ विकास प्राधिकरण के गोमती नगर एक्सटेंशन, जानकीपुरम एक्सटेंशन, बसंतकुंज, सीजी सिटी और आवास विकास परिषद की अवध विहार, निजी बिल्डर की अंसल एपीआई जैसी बड़ी कॉलोनियां हैं. यह इलाके पिछले साल शहर का हिस्सा तो बन गए थे, लेकिन नगर निगम के अंतर्गत नहीं आते थे. यहां पर अच्छी सड़कें, पीने का पानी, स्ट्रीट लाइट और सीवर जैसी सारी जरूरी व्यवस्था हैं, जिसके चलते प्रशासन इन सब पर टैक्स लगाने जा रहा है.

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इन घरों को देना होता है हाउस टैक्स
बता दें, नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 177-ज के तहत ऐसे घरों पर निगम हाउस टैक्स लगा सकता है, जहां पीने के पानी, सड़क और स्ट्रीट लाइट की सुविधाएं हों. या फिर जिन्हें सीमा में आए पांच साल हो चुके हों. निगम सीमा में ऐसे 88 गांव आए हैं, जिनका अभी पहला साल ही है. ऐसे में इनमें से जहां अभी यह सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं, वहां इसे जल्द उपलब्ध कराकर टैक्स लगाने का प्रावधान है.

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