यूपी नगर निकाय चुनाव में दलों और निर्दलीयों को बंटे चुनाव चिन्ह, जानें किसको क्या सिंबल मिला
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यूपी नगर निकाय चुनाव में दलों और निर्दलीयों को बंटे चुनाव चिन्ह, जानें किसको क्या सिंबल मिला

UP Nagar Nikay Chunav 2022 : उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव 2022 में गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह बांटे गए हैं.

यूपी नगर निकाय चुनाव में दलों और निर्दलीयों को बंटे चुनाव चिन्ह, जानें किसको क्या सिंबल मिला

उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव 2022 के लिए शंखनाद शुरू हो गया है. राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश की ओर से गैर मान्यता प्राप्त और निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए  चुनाव चिन्ह जारी कर दिए गए हैं. गैर मान्यता प्राप्त दलों के लिए स्टेट इलेक्शन कमीशन की ओर से 197 चुनाव चिन्ह जारी किए गए हैं.जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए 42 इलेक्शन सिंबल बांटे गए हैं. मान्यता प्राप्त दलों में ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा, शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी और अपना दल शामिल नहीं हैं.

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अगर ये पार्टियां चुनाव मैदान में उतरती भी हैं, तो उन्हें अलग-अळग चुनाव चिन्ह दिया जाएगा. उत्तर प्रदेश में 18 मान्यताप्राप्त राजनीतिक दल हैं, उनका सिंबल वही रहेगा. बीजेपी (कमल), कांग्रेस (हाथ का पंजा), समाजवादी पार्टी(साइकिल), बसपा (हाथी) जैसे दलों का चुनाव चिन्ह वही रहेगा. बीजेपी, सपा समेत बड़े दलों ने इस बार नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत चुनाव अपने पार्टी सिंबल पर लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं.

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गैर मान्यता प्राप्त दलों के लिए  कैरम बोट, सीसीटी, कंप्यूटर, डिश एंटीना, अदरक, ग्रामोफोन, कटहल, टेलीफोन, चप्पल, हरी मिर्च, डबल रोटी, बाल्टी, कैलकुलेटर, फूल गोभी, ताला जैसे चुनाव चिन्ह आरक्षित किए गए हैं. जबकि स्वतंत्र उम्मीदवारों के लिए बंदूक मोटर साइकिल बिजली का बल्ब आदि निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं. जबकि नगर निगम मेयर या महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए गदा, हथौड़ा, तलवार,लट्टू और जैसे चुनाव चिन्ह रखे गए हैं. 

यूपी में म्यूनिसिपल इलेक्शन की घोषणा नवंबर में होनी थी, लेकिन माना जा रहा है कि मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव, खतौली, रामपुर विधानसभा उपचुनाव और यूपी विधानसभा सत्र के कारण इसमें थोड़ी देरी हो रही है. अभी नगर निगमों में आरक्षण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भी होना है. इसके बाद ही चुनाव आयोग नगर निकाय चुनाव की घोषणा कर सकता है. 

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