Prayagraj News: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए फीडरों पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे हर फीडर पर बिजली की आपूर्ति और चोरी का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा. स्मार्ट मीटर के अलावा, डिस्मेंटल बॉक्स का जाल भी बिछाया जा रहा है, जिसमें केवल वैध कनेक्शनधारियों की ही लाइन जोड़ी जाएगी. सबसे पहले प्रयागराज में से हो रही इस शुरुआत से न केवल बिजली चोरी रोकी जा सकेगी, बल्कि वैध उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से भी राहत मिलेगी.


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लोड बढ़ते ही तुरंत मिलेगी विभाग को सूचना
शहर के कल्याणी देवी, करेलाबाग, रामबाग, म्योहाल, बमरौली, टैगोर टाउन और नैनी डिवीजन से जुड़े उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति का हिसाब पहले भी विभाग के पास होता था, लेकिन अब 33/11 केवी के फीडरों पर इनकमिंग मशीनों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू किया गया है. स्मार्ट मीटर से किसी फीडर या ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ते ही विभागीय अधिकारियों को तुरंत सूचना मिल जाएगी, जिससे बिजली चोरी की पहचान तुरंत की जा सकेगी.


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एबीसी केबल स्ट्रिंगिंग और डिस्मेंटल बॉक्स 
इसके अलावा, सबसे अधिक लाइन लॉस वाले करेलाबाग और बमरौली डिवीजनों में 'आरडीएसएस' योजना के तहत एबीसी केबल स्ट्रिंगिंग और डिस्मेंटल बॉक्स लगाने का काम भी किया जा रहा है. मुख्य अभियंता प्रथम, प्रमोद कुमार सिंह के अनुसार, "बिजली चोरी रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं. स्मार्ट मीटर, एबीसी केबल, और डिस्मेंटल बॉक्स की स्थापना से उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी."


UPPCL की ये पहल प्रयागराज में बिजली की चोरी रोकने के साथ-साथ आपूर्ति की गुणवत्ता में भी सुधार लाने की दिशा में भी एक बड़ी कोशिश है.


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