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प्रयागराज: पुलिस के हत्थे चढ़ा लड़कियों की तस्करी करने वाला गिरोह, 11 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित 11 सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए अपहृत दो नाबालिग लड़कियों को भी बरामद किया है.

प्रयागराज: पुलिस के हत्थे चढ़ा लड़कियों की तस्करी करने वाला गिरोह, 11 लोग गिरफ्तार
प्रयागराज शहर से ही करीब पचासों लोग इस गिरोह में शामिल हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है. (प्रतीकात्मक फोटो)

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस ने रविवार को एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पिछले कई सालों से शहर से मानव तस्करी गिरोह का संचालन करता था. यह गिरोह आमतौर पर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास सक्रिय रहता था. ये गिरोह मुख्य रुप से उन लड़कियों को अपना निशाना बनाता था, जो अपने प्रेमी या फिर किसी अन्य वजह से घर से भागकर यहां आते थे. यह गिरोह उन्हें पुलिसकर्मी बनकर या फिर दूसरे अधिकारी बनकर धौंस देकर अपने हथकंडे में फंसाते थे.

ये गिरोह बाद में उन्हें दूसरे प्रदेशों में शादी-विवाह कराने के नाम पर बेच देता था. फिलहाल पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित 11 सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए अपहृत दो नाबालिग लड़कियों को भी बरामद किया है. पुलिस को गिरफ्तार किए गये लोगों द्वारा जानकारी हुई है कि प्रयागराज शहर से ही करीब पचासों लोग इस गिरोह में शामिल हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है.

 

बता दें कि यह गिरोह पिछले कई सालों से सक्रिय था. गिरोह में शामिल लोग मुख्य रुप से घर से भागकर रेलवे व बस स्टेशनों पर पहुंचने वाली लड़कियों को निशाना बनाते थे. पुलिस के मुताबिक पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि रेलवे व बस स्टेशनों पर घर से भागकर आयी नाबालिग या लावारिस लड़कियों को डरा-धमकाकर तथा फ़र्जी बाल विवाह अधिकारी व पुलिस अधिकारी बनकर अपने बनाए गये अड्डों पर ले जाते थे. वहां लड़कियों को यह कहकर रखा जाता था कि तुम्हारे घर वालों को बुलाया गया है. उनके आने पर तुम्हें सुपुर्द कर दिया जायेगा. 

इस दौरान वे अपने एजेंटों के माध्यम से दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, हैदराबाद, गुजरात सहित अन्य प्रदेशों के एजेंटों द्वारा जिन्हें दुल्हन की आवश्यकता होती थी. उन्हें 2 से 4 लाख रूपये में सौदा करके फ़र्जी शादी की नोटरी बनवाकर बेंच देते थे. पकड़े गये लोगों ने यह भी बताया कि फर्जी शादी के समय हम लोग परिवार के सदस्य की भूमिका भी अदा करते थे.

एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह में शामिल लोग बेहद शातिर और चालाक क़िस्म के हैं. इस गिरोह में महिलाएं भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि महिलाएं आमतौर पर दूसरे प्रदेशों के लोगों से शादी करतीं थीं और शादी के बाद घर से सारा सामान और गहने लेकर फरार हो जाया करतीं थीं. वहीं, गिरोह में शामिल लोग पहले नाबालिग लड़कियों से लोगों को फंसाकर उनकी शादी कराने के नाम पर मोटी रकम लेते थे. शादी के बाद गिरोह के अन्य लोग बाल विवाह आयोग जैसे फ़र्जी अधिकारी या पुलिसकर्मी बनकर लड़के वालों को नाबालिग से शादी करने के नाम पर फ़र्जी मुक़दमा लिखने की धौंस देकर लड़की को ले आते थे.

साथ ही लड़के वालों से पैसे भी ऐंठते थे. यही नहीं गिरोह में शामिल लोग बाक़ायदा फ़र्जी स्टाम्प की नोटरी भी करा कर रखते थे. जिसको वह शादी के समय बतौर शपथपत्र के रुप में भरवाते थे. पुलिस को इनके पास से कुछ बड़े अधिकारियों की कई फ़र्जी मोहर के अलावा पुलिस की फ़र्जी आईडी, जिलाधिकारी प्रयागराज व पुलिस उप महानिरीक्षक प्रयागराज की मोहर सहित एक बाल विवाह अधिकारी की आईडी सहित बड़े पैमाने पर फ़र्जी कागज़ात बरामद हुए हैं.