रांची : झारखंड भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में रांची लोकसभा से वर्तमान सांसद रामटहल चौधरी का टिकट कटना लगभग तय है. इस बात का आभास सांसद को भी है. इसलिए उन्होंने टिकट बंटवारे को पार्टी का नीतिगत फैसला बताया है. साथ ही वह इसे खुद के खिलाफ साजिश भी बताने से नहीं चूक रहे हैं. उनका कहना है कि टिकट काटना ही था तो पहले ही उनको जानकारी दी जानी चाहिए थी. साथ ही उनसे उपयुक्त उम्मीदवार के विषय में पूछा जाना चाहिए था. साथ ही उन्होंने  अगर उनको टिकट नहीं देना था तो उनके बेटे को टिकट मिलना चाहिए था, क्योंकि वही इस सीट को निकाल कर दे सकता है. 


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झारखंड बीजेपी के रांची से वर्तमान सांसद रामटहल चौधरी अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे हैं. दरअसल पार्टी की तरफ से नीतिगत फैसले का हवाला देते हुए बता दिया गया है कि इस बार पार्टी उनको टिकट नहीं देने जा रही है. टिकट नहीं मिलने की खबर से नाराज सांसद अब खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करने लगे हैं. नाराज रामटहल अपने बेटे रणधीर को उपयुक्त उम्मीदवार बता रहे हैं. साथ ही टिकट नहीं मिलने पर भी ताल ठोकने का संकेत दे रहे हैं.


उनका कहना है कि टिकट कटने की खबर और किसको टिकट दिया जाए, यह पूछा जाना चाहिए था. वर्तमान सांसद को इसका दर्द है. वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ की मानें तो पार्टी ने अपने नीतिगत फैसले से अवगत करा दिया था. साथ ही यह भी बताया है उनका टिकट काटा नहीं गया है, बल्कि उम्र इसमें बाधक बनी है. साथ ही वह वक्त के साथ सबकुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं.


रामटहल अपने टिकट कटने में उम्र को बाधक बताने वाले को चुनोती दे रहे हैं. साथ ही यह भी आरोप लगाते हैं कि अब पार्टी में सिर्फ 'यश-मैन' पूछ रही. वह खुद को जनसंघ के समय से पार्टी को सींचने वाले सच्चा सिपाही बताते हैं. साथ ही यह भी बताने से नहीं चूकते हैं कि कई दल उनके सम्पर्क में हैं, लेकिन फैसला क्षेत्र की जनता की राय से लेगें.