Hibernation: अगर कोई इंसान पूरे 24 दिन तक गहरी नींद में सोता रहे और उसके पेट में कुछ भी खाने-पीने की चीज न जाए तो लाजमी है कि उसका बचना मुमकिन नहीं होगा. लेकिन जापान (Japan) का एक शख्स 24 दिन तक बिना कुछ खाए-पिए भी जिंदा रहा. इसके जीवित रहने के पीछे की वजह जानकर आप भी चौंक जाएंगे. 


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क्या है पूरा मामला?


2006 में जापान के 35 साल के एक सिविल सर्वेंट के साथ ऐसी घटना घटी जो विज्ञान के भी समझ से परे थी. मित्सुटाका उचीकोशी (Mitsutaka Uchikoshi) ने माउंट रोको के सफर से जब पैदल वापस लौटने का फैसला किया, तभी बीच रास्ते में शख्स भटक गया. यहां नदी के पास उसका पैर फिसलने से उसके कूल्हे की हड्डी (Hip Bone) टूट गई. फिर भी हार न मानते हुए वो आगे बढ़ता रहा. 


24 दिन की गहरी नींद


इसके कुछ दिन बाद थकान की वजह से उसे जोरों की नींद (Sleep) आने लगी और वो एक मैदान के पास जाकर नींद में डूब गया. जब शख्स की नींद खुली तो वो एक अस्पताल (Hospital) में था और उसे पता चला कि वो 24 दिन के बाद उठा है. दरअसल जब एक हाइकर ने उसे देखा तो वो लगभग मृत लग रहा था लेकिन उसकी धड़कनें चल रही थीं. शरीर का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की वजह से शरीर के कई अंगों ने ठीक से काम करना बंद कर दिया था. हालांकि ऐसी हालत के बाद भी मित्सुटाका को जिंदा देख डॉक्टर्स (Doctors) काफी हैरान रह गए.


2 महीनों तक चला इलाज


एक्सपर्ट्स के मुताबिक 24 दिनों तक शख्स की सर्वाइवल इंस्टिंक्ट (Survival Instinct) काम कर रही थी और उसका शरीर हाइबरनेशन में चले गया था. यही कारण है कि उसके शरीर ने जिंदा रहने के लिए काफी कम एनर्जी (Energy) यूज की और बिना खाए-पिए भी उसकी मौत नहीं हुई. 2 महीने के इलाज के बाद अब मित्सुटाका एकदम ठीक है. अभी तक वैज्ञानिक शख्स के इस तरह से हाइबरनेशन (Hibernation) में जाने के तरीके पर रिसर्च कर रहे हैं. 


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