तारक मेहता का उल्टा चश्मा एक ऐसा शो है जो 2008 से दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है और 3600 से ज्यादा एपिसोड पूरे कर लिए हैं. इस शो ने हमें जीवन के कई सबक दिए हैं जिसके कारण हमें इससे बांधे रहते हैं, जिससे हम हर दिन इसमें वापस आते हैं. इसलिए, शो के लिए एक सम्मान के रूप में हम आपके लिए जीवन के कुछ महत्वपूर्ण सबक लेकर आए हैं जिन्हें हमने अब्जॉर्ब किया है और हमें लगता है कि आप भी इसके साथ संबंधित होंगे.


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परिवार शक्ति है
गोकुलधाम का सारा परिवार एक बड़ा ही खुशहाल परिवार है. उन्होंने एक साथ कई विरोधियों को हराया है और बड़ी से बड़ी समस्या, छोटे से छोटा दुश्मन भी उन्हें नीचे नहीं ला पाया है. असल जिंदगी में भी ऐसा ही होता है. जब परिवार के सभी सदस्य उनका सामना करने के लिए एक साथ आते हैं, तो मुद्दों को हल करने में ज्यादा समय नहीं लगता है. एकता में बल होता है.


दोस्ती की कोई कीमत नहीं
दोस्ती के मजबूत बंधन के सामने पैसा, शोहरत और ताकत कुछ भी नहीं है. यह शो की सबसे बड़ा टेकअवे है. जेठालाल और तारक ने हमें हमेशा दिखाया है कि एक हेल्दी दोस्ती कितनी महत्वपूर्ण है. एक पर संकट आए तो दूसरा रक्षक बन जाता है. दोस्त जीवन रेखा की तरह होते हैं और यह हमारे मेंटल हेल्थ में मदद करते हैं. अगर आपके अच्छे दोस्त हैं तो अकेलेपन की कोई भावना नहीं आ सकती है.


सम्मान महत्वपूर्ण है
अपने बड़ों का सम्मान करना हमें बचपन से सिखाया जाता है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस पीढ़ी के हैं, जब हम अपने बड़ों का सम्मान करते हैं तो हमारे बुजुर्ग हमें आशीर्वाद देते हैं और यह जीवन में बहुत आगे तक जाता है. इतना ही नहीं, अमित भट्ट द्वारा निभाए गए बापूजी के किरदार में हमेशा परिवार के लोग उनकी समझदारी भरी सलाह के लिए आते रहे हैं. यहां तक कि परिवार के बच्चे भी इस सिद्धांत का पालन करते हैं.


सोने की खान हो सकते हैं पड़ोसी
आजकल नए समाजों में हम अनावश्यक बातचीत और पड़ोसियों से खुद को दूर रखने लगे हैं. हम जो भूल जाते हैं वह यह है कि सभी के साथ मधुर संबंध रखना महत्वपूर्ण है. शो से एक पत्ता निकालते हुए सबसे अच्छा उदाहरण पोपटलाल का होगा. जब भी उसे दुल्हन की तलाश में जाना होता था और बहनों की जरूरत होती थी तो महिला मंडल की महिलाएं उसकी मदद के लिए एक साथ आती हैं. अय्यर-बबीता के मुद्दों को सुलझाने से लेकर श्रीमती भिडे को उनके सख्त पति से निपटने में मदद करने तक, वे हमेशा साथ रहे हैं. पड़ोसी एक परिवार की तरह हो सकते हैं.


बच्चों को कभी कम मत समझो
कई बार घर के बच्चे घर की बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान कर सकते हैं. जब हमारे बीच झगड़े होते हैं, तो केवल एक बच्चा ही हस्तक्षेप कर सकता है और हमें इसे गले लगाने के लिए कह सकता है. उनके पास कोई अहंकार नहीं है अगर वे जानते हैं कि स्थिति क्या मांग करती है. बच्चे आपको अमेज कर सकते हैं इसलिए उन्हें कभी कम मत समझिए.


(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)


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